इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर राहुल, खरगें, अन्य नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर पूरा देश आज उन्हें याद कर रहा है। कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी समेत कई कांग्रेसी नेताओं ने उनकी 38 वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की। पार्टी नेता राहुल गांधी ने उन्हें नारी शक्ति का बेहतरीन उदाहरण बताया। राहुल गांधी ने राजधानी नई दिल्ली में इंदिरा गांधी की समाधि ‘शक्ति स्थल’ पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। आज ही के दिन 1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके ही दो अंगरक्षकों द्वारा उनकी ह/त्या कर दी गई।

 

मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मिडिया X पर पोस्ट किया “लाखों भारतीय आयरन लेडी, श्रीमती इंदिरा गांधी, के जीवन से हमेशा प्रेरणा पाते रहेंगे, जो नरम रुख़, साहस और दूरदर्शी नेतृत्व की प्रतीक थीं.”

राहुल गांधी ने ट्वीट किया, “मेरी दादी अंतिम घड़ी तक निडरता से देश सेवा में लगी रहीं-उनका जीवन हमारे लिए प्रेरणा स्रोत है। नारी शक्ति की बेहतरीन उदाहरण श्रीमती इंदिरा गांधी जी के बलि/दान दिवस पर विनम्र श्रद्धांजलि।”

कांग्रेस ने भी ट्वीट करके पूर्व प्रधानमंत्री के देश को दिए योगदान की सराहना की। कांग्रेस ने कहा, “उन्होंने ताकत का प्रतिनिधित्व किया। वह बलिदान का प्रतीक हैं। उन्होंने सेवा का प्रतिनिधित्व किया। भारत की लौह महिला, हमारी पहली महिला प्रधानमंत्री, सच्ची भारत रत्न श्रीमती इंदिरा गांधी को उनकी पुण्यतिथि पर शत शत नमन।”

 

इंदिरा गांधी का जीवन

देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की बेटी इंदिरा गांधी का जन्म उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में 19 नवंबर 1917 को हुआ था। इंदिरा गांधी ने शांतिनिकेतन से अपनी शिक्षा हासिल की। इसके बाद में इंग्लैंड के ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से पढ़ाई पूरी की। हालांकि इंदिरा गांधी को राजनीति विरासत में मिली थी। उनके पिता जवाहर लाल नेहरू देश के प्रधानमंत्री थे। इंदिरा गांधी को लाल बहादुर शास्त्री के मंत्रिमंडल में सूचना एवं प्रसारण मंत्री बनाया गया। शास्त्री जी के निधन के बाद 1966 में इंदिरा गांधी को देश का प्रधानमंत्री बनाया गया

इंदिरा जी के कार्य़काल में कई बड़े फेरबदल हुए

इंदिरा गांधी जब प्रधानमंत्री थीं, उस दौरान पाकिस्तान से यु/द्ध हुआ। भारत ने इसमें पाकिस्तान को न केवल धुल चटाई बल्कि उसके दो टुकड़े कर दिए। उस दूसरे टुकड़े को आज दुनिया बांगलादेश के नाम से जानती है। उनके कार्यकाल में साल 1975 में देश में आपा/तका/ल लगा दिया गया। प्रेस की आजादी पर रोक लग गई। कई बड़े फेरबदल हुए। तमाम बड़े नेताओं और उनके विरो/धियों को जे/ल में बंद कर दिया गया।