Punjab University में सीनेट चुनाव को लेकर बवा/ल, आज बड़ा छात्र प्रद/र्शन

पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) चंडीगढ़ में सीनेट संशोधन का फैसला केंद्र सरकार ने वापस ले लिया है।

इसको लेकर पीयू में बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। छात्रों के तरफ से पंजाब यूनिवर्सिटी बचाओ मोर्चा की ओर से 10 नवंबर को बड़े प्रदर्शन का ए/लान किया गया है।

उनकी मांग है कि सीनेट चुनावों की घोषणा की जाए। इसी बीच कल रविवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री, पंजाब यूनिवर्सिटी के सीनेट सदस्य और पीयू पूर्व छात्र पवन कुमार बंसल पंजाब यूनिवर्सिटी में मोर्चा के सदस्यों से मिले थे।

बतादें सीनेट चुनाव की तारीख घोषणा की मांग पर पंजाब यूनिवर्सिटी रण का मैदान बन गया है।

इस दौरान स्टूडेंट्स और पुलिस के बीच बह/स भी लगातार हो रही है, गेट नंबर 1 तोड़कर छात्र अंदर घुस गए हैं।

पीयू के गेट नंबर 2 पर एंट्री बंद

इसके बाद माकै पर जबरदस्त हंगा/मा हो रहा है।  पीयू के गेट नंबर 2 पर एंट्री बंद कर दी गई है।

पुलिस ने मीडिया को भी एंट्री नहीं दी है। कुछ लोगों को पुलिस पकड़ कर ले गई है।

विद्यार्थियों को यहां से भगा दिया गया है इसके साथ ही स्टूडेंटस ने अपने समर्थको से अपील की है पुलिस के कड़े इंतजाम को देखकर पुलिस उन्हें जहां भी रोके वहीं बैठकर प्रदर्शन शुरु कर दें

वही स्टूडेंट्स के समर्थन में किसान और कई राजनीतिक दल खड़ें है और उन्को पूरा समर्थन दे रहें है

12 जगह नाका/बंदी कर दी गई

पूरे शहर में 12 जगह नाकाबंदी कर दी गई है। ID दिखा कर जरुरी काम के लिए इजाजत दी गई है। आज सुबह से ही यूनिर्सिटी के गेट पर भारी पुलिस बल तैनात है।

सोमवार को चंडीगढ़ के सभी प्रमुख बॉर्डर मनीमाजरा, मोहाली, पंचकूला और खुड्डा लाहौरा रोड पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनाती है।

हर आने-जाने वाले वाहन की सघन चेकिंग जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है

कि यदि कोई व्यक्ति नाका/बंदी या बैरिकेड पार कर शहर में प्रवेश करने की कोशिश करता है तो उसे तुरंत हिरा/सत में लिया जाएगा।

सभी थानों को अल/र्ट पर रखा गया है

सभी थानों को अलर्ट पर रखा गया है और कंट्रोल रूम से लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है

आज स्टूडेंट्स की ओर से बड़े प्रदर्शन का एलान किया गया है। इसके साथ ही कैंपस में रविवार को मास गैदरिंग की तैयारी पूरे दिन चली।

चंडीगढ़ की पंजाब यूनिवर्सिटी में छात्र सीनेट में संशोधन के प्रस्ताव के खिला/फ धरने पर बैठे हैं।

हालांकि केंद्र इसकी नोटिफिकेशन वापस ले चुका है, लेकिन अब छात्र सीनेट चुनाव की तारीख तय होने तक प्रदर्श/न कर रहे हैं।