शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी को समर्पित है.माता लक्ष्मी धन की देवी है। मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होने पर व्यक्ति को सुख-समृद्धि और धन की प्राप्ति होती है. मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए व्यक्ति कई तरह के उपाय करते हैं, पूजा-पाठ और व्रत आदि रखते हैं. माता को प्रसन्न करने के लिए भक्त कई प्रकार के भोग लगाते है लेकिन माता को कुछ विशेष भोग लगाने से मां लक्ष्मी जल्दी ही प्रसन्न हो जाती है।
शुक्रवार के दिन माता लक्ष्मी को यदि ये भोग लगाएंगे तो उनकी कृपा सदा आप पर बनी रहेगी। लेकिन ध्यान रहे कि माता लक्ष्मी की पूजा अर्चना सदा भगवान विष्णुजी के साथ ही करना चाहिए। लक्ष्मीजी को धन की देवी माना गया है। कहते हैं कि अर्थ बिना सब व्यर्थ है। लक्ष्मीजी को प्रसन्न करने के लिए उनके प्रिय भोग को लक्ष्मी मंदिर में जाकर अर्पित करना चाहिए।
माता लक्ष्मी को खीर विशेष प्रिय है। शास्त्रों में भी ऐसा माना गया है कि मां लक्ष्मी को खीर का भोग अर्पित करने से घर में आ रही आर्थिक और पारिवारिक समस्याओं का समाधान होता है। खीर का भोग मां लक्ष्मी को अर्पित करने से मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति की प्राप्ति होती है। मां लक्ष्मी का घर में वास होता है।

माता लक्ष्मी को खीर का भोग लगाने की कथा
पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार एक वृद्धा अपनी कुटिया में बैठी हुई माता लक्ष्मी के नाम का जाप कर रही थीं। वह बूढ़ी अम्मा अपनी कुटिया में बैठकर इतने मन और पूर्ण श्रद्धा से मां लक्ष्मी के नाम का जाप कर रही थीं कि माता ने उनकी पुकार सुन ली और उन्हें दर्शन देने के लिए घर पहुंची। और दरवाजे पर बूढ़ी अम्मा को पुकारे लगी। बूढ़ी अम्मा माता को पहचान नहीं पाई लेकिन उन्होंने माता लक्ष्मी को श्रद्धा भाव से अपनी कुटिया में बैठाया और उनका आदर सत्कार किया। मां लक्ष्मी ने बूढ़ी अम्मा से कहा कि वह भूखी हैं और उन्हें बहुत जोरो से भूख लग रही है। यह सुन बूढ़ी अम्मा परेशान हो गईं, रोने लगीं और गहरी सोच में पड़ गईं। माता लक्ष्मी ने जब कारण पूछा तब उन्होंने बताया कि उनके घऱ में सिर्फ रात के चावल बचे हैं और दो दिन पुराना दूध बचा हुआ है।
मां लक्ष्मी मुस्कुराईं और उन्होंने अम्मा से वही लाने को कहा। जिसके बाद अम्मा ने उसी बासी चावल और दूध से खीर बनाई और माता को पूरे मन से परोसी। खीर खाकर मां लक्ष्मी प्रसन्न हुईं और उन्होंने बूढ़ी अम्मा को अपने वास्तविक रूप में दर्शन दिए। इसके बाद माता लक्ष्मी ने बूढ़ी अम्मा को धन-धान्य से संपन्न कर दिया और यह वरदान दिया कि जो भी कोई व्यक्ति मां लक्ष्मी को खीर चढ़ाएगा उसके जीवन में कभी भी धन-संपदा की कमी नहीं होगी।
इस तरह माता लक्ष्मी ने अपने आर्शिवाद से बूढ़ी अम्मा को धनवान कर दिया जिसकी चर्चा होने लगी और गांव में सभी माता को खीर का भोग लगाने लगे। इसके बाद यह परंपरा चली आ रही है। तो आप भी माता को खीर का भोग लगाए और उनकी कृपा पाए।
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