घर-घर पधारे गणपति बप्पा! शुभ गणेश चतुर्थी!

गणेश चतुर्थी का त्योहार पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाता है, वैसे तो गणेश चतुर्थी के त्योहार की रौनक महाराष्ट्र में देखने लायक होती है लेकिन सभी राज्यों में गणपति की धूम मची रहती हैं,लोग महीने भर से ही अपने घऱ में भगवान गणेश को बुलाने के लिये तैयारीयों में लग जाते है, गणेश चतुर्थी एक शुभ और पावन पर्व है, मान्यता है कि गणेश जी का जन्म भाद्रपद शुक्ल पक्ष चतुर्थी को मध्याह्न काल में, स्वाति नक्षत्र एवं सिंह लग्न में हुआ था, इसीलिए गणेश चतुर्थी यानी गणेश उत्सव का त्योहार भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को मनाया जाता है। इस बार यह त्योहार 27 अगस्त 2025 बुधवार के दिन रहेगा पूजा के दौरान शुभ मुहूर्त का भी विशेष महत्तव होता है,

पूजा का शुभ मुहूर्त : शुभ: सुबह 10:46 से दोपहर 12:22 के बीच

शाम की पूजा का शुभ मुहूर्त: 06:48 से 7:55 के बीच

राहु काल: दोपहर 12:22 से 01:59 के बीच। इस समय स्थापना और पूजा न करें

गणेश जी की मूर्ति खरीदते कुछ ध्यान देने वाली बांते – गणेश जी की प्रतिमा बैठी हुई हो,  उनके साथ उनका वाहन चूहा तथा रिद्धि सिद्धि हो, गणपति की प्रतिमा सफेद या सिंदूरी रंग की हो, गणेश जी के सूंड को लेकर बहुत असमंजस रहता है कि उनकी सूंड किधर को होनी चाहिए तो इसके लिए कहा जाता है उनकी सूंड बाएं तरफ हो, पितांबर या लाल परिधान पहने हुए हो और लड्डू का थाल हो इन बातों का ध्यान रखते हुए ही मूर्ति खरीदना उचित रहता है,इसके साथ ही गणेश जी की प्रतिमा को धूमधाम से घर के द्वार पर लाएं और द्वार पर ही पूरा परिवार उनकी आरती उतारें, गणेश भगवान का मंगल गीत गाएं, फिर गणपति बप्पा के नारे लगाते हुए उन्हें घर के अंदर ले आएं और पहले से तैयार कि गए पूजा स्थान पर विराजित कर दें। मंगल प्रवेश के बाद उनकी विधिवत पूजा और आरती करें।

गणपति का भोग-  गणेश चतुर्थी के पावन पर्व पर भगवान गणेश को मोदक के अलावा नारियल के लड्डू का भोग लगाना भी बहुत शुभ माना जाता है। नारियल के लड्डू बनाने में बेहद आसान होते हैं क्योकि ये कम समय में घर पर आसानी से बनायें जा सकते है और इनका स्वाद भी लाजवाब होता है।

इसके लिए सामग्री –  2 कप कद्दूकस किया हुआ सूखा नारियल/ डेसिकेटेड कोकोनट, 1 कप मावा या 1/2 कप मिल्क पाउडर, 1/2 कप पिसी हुई चीनी, 1/2 चम्मच इलायची पाउडर, 1 बड़ा चम्मच घी, बारीक कटे हुए मेवे (बादाम, पिस्ता)

विधि- सबसे पहले एक भारी तले वाली कढ़ाई को गरम करें और उसमें कद्दूकस किया हुआ नारियल डालकर धीमी आंच पर हल्का भूनें। इसे सिर्फ 2-3 मिनट तक भूनना है ताकि इसका कच्चापन निकल जाए, इसका रंग नहीं बदलना चाहिए। अब इस कढ़ाई में मावा या मिल्क पाउडर डालकर अच्छी तरह मिलाएं। मावे को तब तक भूनें जब तक वह नारियल के साथ अच्छी तरह से मिल न जाए। अगर आप मिल्क पाउडर का उपयोग कर रहे हैं, तो इसमें थोड़ा घी डालकर हल्का भून लें। अब इसमें पिसी हुई चीनी और इलायची पाउडर मिला दें। इसे तब तक चलाएं जब तक चीनी पूरी तरह से घुल न जाए। मिश्रण को अच्छी तरह मिलाने के बाद, आंच बंद कर दें और इसे हल्का ठंडा होने दें। ध्यान रहे कि मिश्रण पूरी तरह से ठंडा न हो, यह हल्का गरम ही रहना चाहिए ताकि लड्डू आसानी से बन सकें। अब अपनी हथेलियों पर थोड़ा-सा घी लगाएं और मिश्रण का थोड़ा-सा हिस्सा लेकर उसे गोल लड्डू का आकार दें। तैयार लड्डू को बचे हुए सूखे नारियल में लपेट लें ताकि वे और भी आकर्षक लगें, लड्डुओं को ठंडा होने दें और फिर भगवान गणेश को भोग लगाएं। गणेश चतुर्थी के दिन इस प्रसाद को भगवान गणेश को अर्पित कर पर्व का आनंद लें , इसके साथ ही भगवान  गणेश के पूजा के विधि विधान भी हम आपको बतायेंगे आप बने रहिए न्यूज पिडिया 24 के साथ