चंडीगढ़, 25 फरवरी – हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को हरियाणा विधानसभा में कांग्रेस विधायकों द्वारा उठाए गए अनुसूचित जातियों, पिछड़े वर्गों और अन्य आरक्षित वर्गों के बैकलॉग के मुद्दे पर तथ्यात्मक जवाब दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि अनुसूचित जातियों, पिछड़े वर्गों और अन्य आरक्षित वर्गों के बैकलॉग का मुद्दा उठाने वाले विपक्षी सदस्य अपने गिरेबान में झांककर देखें कि इन्होंने अपने कार्यकाल में इन गरीब वर्गों के साथ क्या अन्याय किया था। इनके कार्यकाल में हजारों पद खाली रहे, लेकिन इन्होंने कभी उनकी सुध नहीं ली।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस मार्च 2005 में सत्ता में आई थी। इसके बाद मार्च, 2006 में एससी का बैकलॉग 14 हजार 395 था व बीसी का बैकलॉग 5 हजार 929 था। इसके दो साल बाद मार्च, 2008 में भी स्थिति और भी बिगड़ गई। उस समय एससी का बैकलॉग 13 हजार 46 था व बीसी का बैकलॉग 5 हजार 291 था। इसी प्रकार, मार्च, 2010 में एससी का बैकलॉग 11 हजार 29 था व बीसी का बैकलॉग 9 हजार 187 था। मार्च, 2011 में एससी का बैकलॉग 8 हजार 3 था व बीसी का बैकलॉग 4 हजार 882 था। दिसम्बर, 2012 में एससी का बैकलॉग 9 हजार 558 था व बीसी का बैकलॉग 6 हजार 331 था।
श्री नायब सिंह सैनी ने वर्तमान सरकार के कार्यकाल की स्थिति का विवरण देते हुए बताया कि मार्च, 2024 में प्रदेश में विभिन्न विभागों में ग्रुप ए में एससी बैकलॉग 145, बीसी-ए बैकलॉग 180 और बीसी-बी बैकलॉग शून्य है। ग्रुप बी में एससी बैकलॉग 548, बीसी-ए बैकलॉग 3 और बीसी-बी बैकलॉग शून्य है। ग्रुप सी में एससी बैकलॉग 1 हजार 931, बीसी-ए बैकलॉग 1 हजार 106 और बीसी-बी बैकलॉग शून्य है। ग्रुप डी में एससी बैकलॉग शून्य, बीसी-ए बैकलॉग शून्य और बीसी-बी बैकलॉग 180 है।
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