उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में लैंडस्लाइड
पहाड़ी इलाको के साथ मैदानी इलाके भी इस मानसून में खतरे के आगोश में है, आये दिन कही ना कही बारिश से मची तबाही की तस्वीरे सामने आ रही है, वही आज उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में लैंडस्लाइड हुआ जिसके वजह से बद्रीनाथ हाईवे बंद कर दिया गया, वही गंगोत्री हाईवे धरासू पुराना थाना और सोनागढ़ के पास भी ब्लॉक है। यमुनात्री हाईवे भी नारदचट्टी के पास बंद है। कुथनौर में ट्रैफिक शुरू हो गया है। बाकी जगहों पर मलबा हटाने का काम जारी है।
महाराष्ट्र पानी से लबालब
वहीं, महाराष्ट्र में लगातार तेज बारिश का दौर जारी है, बारिश थमने का नाम नही ले रही जिसके वजह से जनजीवन अस्त-वस्त है, वही मौसम विभाग ने राज्य के कुछ इलाकों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। आपको बतादें बीते दिन मुंबई में 107.4mm बारिश हुई। वहीं, ठाणे जिले में एक खदान पानी से भर गई है, जिसमें एक व्यक्ति गिर गया और उसकी मौत हो गई. ठाणे में पिछले 24 घंटे में 167.7 एमएम बारिश हुई है.
गुजरात में बारिश के कारण जन-जीवन प्रभावित
देश के पश्चिमी हिस्से गुजरात में बारिश के कारण जन-जीवन प्रभावित हुआ है। गुजरात के तटीय जिलों में भारी बारिश हो रही है, जिस वजह से वहां बाढ़ के हालात बन गए हैं. जूनागढ़ जिले में 12 घंटों में 331 एमएम बारिश दर्ज हुई है. भारी बारिश के वजह से एनडीआरएफ ने पोरबंदर जिले के एक स्कूल में फंसे 46 बच्चों और चार शिक्षकों का रेस्क्यू किया है.
उत्तर प्रदेश में यमुना के कारण कई जिले बाढ़ की चपेट में
पहाड़ों पर बारिश का पानी यूपी के कई जिलों के लिए मुसीबत बना है. गंगा-यमुना, घाघरा का जलस्तर फिर से बढ़ने लगा है. फर्रुखाबाद, आगरा, उन्नाव, मथुरा, बदायूं, सीतापुर समेत कई इलाके बाढ़ की विभिषिका से जूझ रहे हैं. उन्नाव में 52 गांव बाढ़ से घिरे हैं तो फर्रुखाबाद में 229 स्कूल बंद कर दिए गए हैं. मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश में चार दिनों तक मानसूनी बारिश का अनुमान लगाया है, इससे बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में हालात बिगड़ सकते हैं. उत्तर प्रदेश में यमुना के कारण कई जिले बाढ़ की चपेट में हैं। यमुना का पानी ताजमहल तक पहुंच गया है। अब ताजमहल की दीवार तक पानी पहुंचने से सीआईएसएफ की ताजमहल के पीछे स्थित सुरक्षा चौकी हटाई गई है. वही यूपी के 40 गांव अलर्ट पर हैं। मथुरा में यमुना नदी कटान के बाद अपना मूल रास्ता छोड़कर 2km दूर बह रही हैं। पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश से आगरा में यमुना ने रौद्र रूप धारण कर लिया है. यमुना ने आगरा के वॉटर वर्क्स पर बाढ़ के चेतावनी स्तर 495 फीट को पार कर दिया है. जिससे शहर की यमुना की तटवर्ती कॉलोनियों और गांवों के मुहाने तक पानी पहुंच गया है.. इधर, गोकुल बैराज से यमुना नदी में हर घंटे पानी का डिस्चार्ज बढ़ने से जिला प्रशासन ने शुक्रवार तक जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंचने की आशंका जताई है. जिसको लेकर जिला प्रशासन ने सदर, फतेहाबाद और बाह तहसील में यमुना नदी के तटवर्ती 40 से अधिक गांवों में मुनादी कराई है. अलर्ट जारी किया है. लोगों से अपील है कि यमुना नदी पर नहीं जाएं ,रिपोर्ट न्यूज पीडिया 24
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