चंडीगढ़, 10 मार्च 2026: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने चेतावनी दी है कि प्रस्तावित भारत–अमेरिका व्यापार समझौता देश के कृषि क्षेत्र के लिए बेहद नुकसानदायक साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि यह समझौता उन तीन विवादित कृषि कानूनों से भी ज्यादा खतरनाक है जिनके खिलाफ देशभर में बड़ा किसान आंदोलन हुआ था।
पंजाब विधानसभा में कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुडियां द्वारा पेश प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री मान ने कहा कि यदि भारत अपने कृषि बाजार को अमेरिका के लिए खोल देता है, तो भारी सब्सिडी पाने वाले अमेरिकी कृषि उत्पादों के कारण पंजाब और देशभर के किसान प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाएंगे। इस दौरान पंजाब विधानसभा ने प्रस्तावित भारत–अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ सर्वसम्मति से निंदा प्रस्ताव भी पारित किया।
कृषि संप्रभुता के लिए खतरा
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समझौता भारत की कृषि संप्रभुता के लिए खतरा है और इससे देश का कृषि क्षेत्र विदेशी शक्तियों के नियंत्रण में जा सकता है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आरोप लगाया कि इस समझौते के बारे में किसी भी राज्य सरकार से न तो सलाह ली गई और न ही जानकारी दी गई।
उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर प्रधानमंत्री पर ऐसी कौन-सी मजबूरी है कि यह समझौता किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसा लग रहा है जैसे भारत के फैसले वॉशिंगटन के व्हाइट हाउस से प्रभावित हो रहे हैं।
अमेरिका और भारत की खेती में बड़ा अंतर
मुख्यमंत्री ने कहा कि अमेरिका में कृषि ढांचा भारत से बिल्कुल अलग है। अमेरिका में औसत किसान के पास लगभग 500 एकड़ जमीन होती है पंजाब में औसत किसान के पास केवल 2–2.5 एकड़ जमीन होती है।अमेरिकी किसानों को भारतीय किसानों की तुलना में करीब 35% अधिक सब्सिडी मिलती है। इस वजह से भारतीय किसानों के लिए प्रतिस्पर्धा करना बेहद कठिन होगा।
उन्होंने कहा पंजाब में लगभग 1.25 लाख हेक्टेयर में मक्का उगाया जाता है लगभग 2.5 लाख एकड़ में कपास उगाई जाती है यदि अमेरिकी सोया मील और कपास आयात हुई तो इन फसलों की कीमतें गिर सकती हैं ।
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