सड़कों पर भूस्खलन, जनजीवन अस्त-व्यस्त: काडियाना नाले में मलबे में दबी बस, 15 यात्रियों की बाल-बाल बची जान|

चंडीगढ़, 21 जुलाई:  पिछले कुछ दिनों से हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में हो रही लगातार मूसलाधार बारिश ने स्थिति को बेहद गंभीर बना दिया है। खासकर सिरमौर जिले में बारिश का असर अब जानलेवा साबित होने लगा है। सोमवार सुबह काडियाना नाले में यात्रियों से भरी एक बस मलबे में दब गई, लेकिन चालक की सतर्कता ने एक बड़ा हादसा टाल दिया।

बस में थे 15 यात्री, मलबे में बुरी तरह फंसी

घटना श्रीरेणुकाजी विधानसभा क्षेत्र की है, जहां संगड़ाह-चढ़ाना सड़क मार्ग पर अचानक हुए भूस्खलन के कारण एक निजी बस काडियाना नाले में बहकर आए मलबे में फंस गई। बस में उस समय करीब 15 सवारियां मौजूद थीं। गनीमत रही कि चालक और कंडक्टर की सूझबूझ ने सभी यात्रियों की जान बचा ली।

मलबा इतना ज्यादा था कि बस के यात्री दरवाजे पूरी तरह से जमीन और मलबे में दब गए, जिससे वे खुल ही नहीं पाए। चालक और परिचालक ने इमरजेंसी खिड़कियों और अपने दरवाजों से सभी यात्रियों को धीरे-धीरे बाहर निकाला। बस अपनी जगह से हिल तक नहीं पाई, और कई यात्री दहशत और घबराहट में थे।

नेशनल हाईवे 707 और 907-A भी बंद

लगातार हो रही बारिश का असर राज्य की मुख्य सड़कों पर भी पड़ा है। विशेष रूप से:

  • पांवटा साहिब-शिलाई-गुम्मा NH-707 पर शिलाई के पास भारी भूस्खलन हुआ है। चट्टानों के गिरने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं।

  • नाहन-कुमारहट्टी NH-907A पर सादना घाट के पास भी भूस्खलन के कारण मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया है।

इन सड़कों के बंद होने से सैकड़ों वाहन फंसे हुए हैं और यात्री घंटों से रास्ता खुलने का इंतज़ार कर रहे हैं।

बारिश से तबाही: 20+ सड़कें बंद, फसलें बर्बाद

लोक निर्माण विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, जिले में 20 से अधिक सड़कें बंद हो चुकी हैं। संगड़ाह-पालर-राजगढ़ सड़क, जो श्रीरेणुकाजी क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण संपर्क सड़क है, वह भी मलबे में दबी हुई है।

  • स्कूल, कॉलेज और दफ्तर जाने वाले लोग बुरी तरह प्रभावित हैं

  • कई गांवों का संपर्क टूट गया है

  • परिवहन और व्यापार पर भी असर पड़ा है

किसानों को भी तगड़ा झटका

भारी बारिश से सिर्फ सड़कें नहीं, किसानों की फसलें भी तबाह हो रही हैं:

  • शिमला मिर्च और टमाटर, जो सिरमौर क्षेत्र की प्रमुख फसलें हैं, लगभग पूरी तरह खराब हो चुकी हैं

  • कृषकों को हजारों-लाखों का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है

  • स्थानीय मंडियों में सब्जियों की आपूर्ति बाधित हो गई है

प्रशासन कर रहा राहत कार्य, लेकिन चुनौतियां कई

स्थानीय प्रशासन, पुलिस, और राजस्व विभाग की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। हालांकि लगातार बारिश और फिसलन भरे रास्तों की वजह से मशीनरी को मौके पर पहुंचाने में देरी हो रही है।