हरियाणा सरकार ने राज्य की राजस्व व्यवस्था को मजबूत करने के लिए टैक्स की दरें बढ़ाने के बजाय टैक्स बेस यानी करदाताओं का दायरा बढ़ाने पर जोर दिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि ज्यादा लोगों और कारोबारों को कर व्यवस्था से जोड़कर राज्य की आय बढ़ाई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने बुधवार को ‘हरियाणा की अपनी कर-राजस्व व्यवस्था’ के विश्लेषण और मजबूती को लेकर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसी कर व्यवस्था तैयार करना है, जिससे विकास के लिए राज्य के पास पर्याप्त संसाधन उपलब्ध रहें और आम लोगों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।
सरकार ने वर्ष 2030 तक राज्य के अपने कर-राजस्व को GSDP के 10 प्रतिशत और वर्ष 2047 तक 15 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए कर संग्रह को बेहतर बनाने, व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने और टैक्स चोरी पर नियंत्रण जैसे कदमों पर ध्यान दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, हरियाणा के राजस्व संग्रह में हाल के महीनों में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच राज्य का SGST संग्रह 29 प्रतिशत बढ़कर 24,662 करोड़ रुपये पहुंच गया।
सम्मेलन में विशेषज्ञों और अधिकारियों ने भी राज्य की कर व्यवस्था को मजबूत करने, नई तकनीक के इस्तेमाल और राजस्व बढ़ाने के संभावित तरीकों पर चर्चा की।


