गुरु नानक जयंती कल यानी 5 नवंबर को मनाई जाएगी।
गुरु पर्व, जिसे गुरु नानक जयंती या प्रकाश पर्व भी कहा जाता है,
सिख धर्म का सबसे पवित्र और प्रमुख त्योहार है। यह सिख धर्म के संस्थापक और पहले गुरु, गुरु नानक देव जी के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है।
गुरु नानक देव जी का जन्म कार्तिक मास की पूर्णिमा तिथि को हुआ था, इसलिए यह पर्व हर साल कार्तिक पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है।
गुरु पर्व का महत्व
गुरु नानक देव जी का जन्म 1469 ईस्वी में तलवंडी, जो अब पाकिस्तान में ननकाना साहिब कहलाता है में हुआ था। यह दिन उनके जीवन, दर्शन और शिक्षाओं को याद करने का दिन है।
गुरु नानक जयंती क्यों मनाते हैं?
इस दिन पहले सिख गुरु और सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक जी का जन्म हुआ था। ये सिख धर्म के सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। इसे गुरु परब, प्रकाश पर्व भी कहा जाता है।
गुरु नानक जी का संदेश
गुरु नानक देव जी ने ही संसार को यह संदेश दिया कि ईश्वर एक है ।
वह सर्वव्यापी है और सभी धर्मों का सार एक ही है। उन्होंने जाति, धर्म और लिंग के आधार पर किसी भी तरह के भेद-भाव का विरोध किया
और निःस्वार्थ सेवा तथा समानता के मार्ग पर चलने की शिक्षा दी
गुरु नानक जयंती की तैयारी कई दिन पहले से शुरू हो जाती है और सभी इसको बड़े ही उत्साह से मनाते है।
पूजा विधि और आयोजन
गुरु पर्व से दो दिन पहले गुरुद्वारों में श्री गुरु ग्रंथ साहिब का अखंड पाठ शुरू हो जाता है, जो गुरु पर्व के दिन पूरा होता है। यह पाठ लगातार 48 घंटे चलता है।
नगर कीर्तन का आयोजन
गुरु पर्व से कुछ दिन पहले सुबह-सुबह गुरुद्वारों से प्रभात फेरियां या भक्ति यात्राएं निकाली जाती हैं, जिसमें श्रद्धालु भक्ति गीत (शबद-कीर्तन) गाते हुए नगर में घूमते हैं
कीर्तन दरबार: इस दिन गुरुद्वारों में
विशेष कीर्तन दरबार सजाया जाता है, जहां भजन-कीर्तन, गुरुबाणी का पाठ और गुरु जी के उपदेशों पर प्रवचन होते हैं।
अरदास: सुख, शांति और समृद्धि के लिए विशेष अरदास/ प्रार्थना की जाती है।
लंगर: इस दिन लंगर यानी सामुदायिक रसोई का आयोजन किया जाता है। सभी धर्म, जाति और वर्ग के लोग एक साथ बैठकर भोजन करते हैं, जो समानता और सेवा के सिद्धांत को दर्शाता है।
दीपदान: गुरु पर्व की शाम को गुरुद्वारों और घरों में दीप जलाए जाते हैं और आतिशबाजी भी की जाती है, जिसे दीपमाला कहा जाता है।
स्कूल, कॉलेज, बैंक, सरकारी दफ्तर सब बंद
इसके साथ ही 5 नवंबर 2025 को भारत के कई राज्यों में स्कूल, कॉलेज, बैंक, सरकारी दफ्तर सब बंद रहने वाले हैं क्योंकि 5 नवंबर को गुरु नानक जयंती है
जो एक सार्वजनिक अवकाश यानी पब्लिक हॉलिडे है। इसके लिए सरकार की तरफ से राजपत्रित अवकाश घोषित है।
दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद समेत कई राज्यों में छुट्टी घोषित की गई है।
इसके अलावा गंगा स्नान और कार्तिक पूर्णिमा को लेकर भी कुछ जगहों पर 6 नवंबर को भी स्कूल बंद रखे गए हैं।
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