हनुमान जी की पूजा करना बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। हनुमान जी बहुत शक्तिशाली है। हिन्दू धर्म के सबसे जाग्रत और सर्वशक्तिशाली देवताओं में एकमत्र हनुमानजी की कृपा जिस पर बरसरना शुरू होती है उसका कोई बाल भी बांका नहीं कर सकता। दस दिशाओं और चारों युग में उनका प्रताप है। मंगलवार को हनुमान जी के पूजा करने के दौरान उनके मंत्र भी भक्तों के कई समस्याओँ के निवारण करते है इसलिए उनके मंत्रों का जाप भी करते रहना चाहिए।
ये मंत्र बहुत कारगर सिद्ध होते है । जो भी मंत्र आप आसानी से बोल सकते है उनका उच्चारण कर सकते है वो जरुर आप को करना चाहिए।
प्रतिदिन हनुमान चालीसा पढ़ना चाहिए। हनुमान-पाठ, जप, अनुष्ठान आदि करने से बहुत जल्दी फल प्राप्त होता है।
हनुमानजी की भक्ति और हनुमान चालीसा पढ़ने से व्यक्ति खुद को इन बाधाओं से बचा लेता है।
कब किन मंत्रो का जप करें
किसी भी प्रकार का भय है, आप अंधेरे, भूत-प्रेत से डरते हैं या तो आप ‘हं हनुमंते नम:’ का रात को सोने से पूर्व हाथ-पैर और कान-नाक धोकर 108 बार जप करके सो जाएं। कुछ ही दिनों में धीरे-धीरे आपमें निर्भीकता का संचार होने लगेगा।
हनुमान जी बहुत शक्तिशाली है। भूत पिशाच निकट नहिं आवै, महावीर जब नाम सुनावै॥ जहां महावीर हनुमानजी का नाम सुनाया जाता है, वहां भूत, पिशाच पास भी नहीं फटक सकते। जिसे किसी अनजान शक्ति या भूत पिशाच आदि से डर लगता है वे हनुमानजी का बस नाम ही जपते रहेंगे तो भयमुक्त हो जाएंगे।
इसके साथ ही भूत-पिशाच जैसी ऊपरी बाधाओं से परेशान व्यक्ति को बजरंगबाण का पाठ करना चाहिए और नित्य या मंगलवार और शनिवार को हनुमान मंदिर में जाकर हनुमानजी को अगरबत्ती लगाना चाहिए।
व्यवसाय-स्थान,फैक्ट्री और घर आदि पर भूत-प्रेतों का साया न पड़े, इसके लिए अपने-अपने प्रतिष्ठानों के ऊपर हनुमान ध्वज (झंडा) लगाना चाहिए। यह ध्वज लाल कलर का हो। बुरी आत्माओं का प्रवेश घर में न हो, इसके लिए द्वार पर सिंदूर से राम-राम लिखकर 7 बिंदु लगा दे जिससे आपका घर सुरक्षित रहेगा। मकान के आसपास शमशान हो या कोई खंडहर भवन हो तो ऐसे में मकान के ऊपर हनुमत-ध्वज की स्थापना कर देनी चाहिए।
नासै रोग हरै सब पीरा, जपत निरंतर हनुमत बीरा ॥ वीर हनुमानजी! आपका निरंतर जप करने से सब रोग चले जाते हैं और सब पीड़ा मिट जाती है।
यदि आपको शरीर में पीड़ा है या आप किसी रोग से ग्रस्त हैं तो आप हनुमान बहुक का पाठ करें।
हनुमान जी को श्री राम का अनन्य भक्त, पवनपुत्र, संकटमोचन और अमर माना जाता है। उनकी पूजा करने से शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होते हैं।
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