लखनऊ: सिख समुदाय की आस्था का प्रतीक ‘चरण सुहावे गुरु चरण यात्रा’ के पवित्र जोड़ा साहिब का लखनऊ में भव्य स्वागत हुआ। यह यात्रा सिख समुदाय के दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी और माता साहिब कौर के पवित्र जोड़ा साहिब से जुड़ी है, जो सिख आस्था का अत्यंत पवित्र प्रतीक मानी जाती है। लखनऊ के यहियागंज गुरुद्वारे में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवाणी सुनी और यात्रा सदस्यों को पटुका पहनाकर सम्मानित किया। गुरुद्वारा कमेटी ने सीएम योगी को अंग वस्त्र व स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया।
गुरुद्वारा याहियागंज से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली से आई चरण पादुका यात्रा को मंगलवार को रवाना किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमारी परंपरा में यह कहा गया है, ‘जिथे जाए बहे मेरा सतगुरु, सो थान सुहावा राम राजे।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं सबसे पहले गुरु चरण यात्रा का स्वागत करता हूं। अपनी इस विरासत को लेकर स्वयं आए केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी का स्वागत करता हूं। गुरु गोबिंद सिंह के 350 में शहीदी दिवस पर हम सबको इस यात्रा के माध्यम से जुड़ने का अवसर मिल रहा है। गुरु नानक देव से लेकर गुरु गोबिंद सिंह के साथ उनके चारों साहब जड़ों के बलिदान भारत को एक नई प्रेरणा प्रदान करता है। लगभग ढाई सौ वर्ष पुरानी चरण पादुका अब उनके जन्मस्थली पटना साहिब में स्थापित होगी। इस किसी यात्रा के माध्यम से देश की गौरवशाली संस्कृति को अनुभूति करने और सिख समाज की इतिहास को समझने का अवसर मिला है। यह यात्रा एक युवा पीढ़ी के लिए एक नई प्रेरणा होगी।
CM योगी “यहियागंज गुरुद्वारा हमारी साझा आस्था और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है”
मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग ढाई सौ वर्षों से गुरु महाराज के पावन चरण पादुकाएं, जो पहले अखंड भारत के हिस्से पाकिस्तान में थीं, अब पटना साहिब में स्थापित की जा रही हैं। दिल्ली से शुरू हुई यह यात्रा पूरे देश में गुरु परंपरा के प्रति सम्मान और गौरव का भाव जगाती जा रही है। इसके साथ ही सीएम योगी ने सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे इस गुरु चरण यात्रा को राष्ट्रीय एकता और आध्यात्मिक जागरण के संदेश के रूप में आगे बढ़ाएं.
शिव गुरुओं को इसी के साथ नमन करता हूं वाहेगुरु का खालसा वाहेगुरु की फतेह के साथ मुख्यमंत्री को यात्रा को रवाना किया।इस अवसर पर केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी, वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व सदस्य परमिंदर सिंह त्रिलोचन सिंह व यहियागंज गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के मुख्य सेवादार डा. गुरमीत सिंह सहित सिख संगत मौजूद थी।
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