एक बार फिर से किसानों और पुलिस में जमकर टकराव शुरु हो गई है। यह झड़प पहली बार नही है इससे पहले इसी महीने में 6 फरवरी को किसान और पुलिस में झड़प हुई थी आज डिप्टी कमीश्नर कार्यालय के बाहर धऱना प्रदर्शन का आयोजन किया जाना था। बतादें अपने साथियों को रिहा करने की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के बैनर तले बुधवार को किसानों ने बठिंडा में डीसी कार्यालय के बाहर धरना देना था।
इस धरने को रोकने के लिए एक हजार से अधिक पुलिस कर्मी नाकों पर तैनात हैं। सिपाही से लेकर डीआईजी तक के पुलिस कर्मी एवं अधिकारी मैदान पर डटे हुए है।
पुलिस ने बठिंडा शहर की ओर निकाले गये मार्च को रोका दिया जिसके बाद किसानों बठिंडा चंडीगढ़ हाइवे पर मांगों को लेकर धरना देते हुए बैठ गए। इसके बाद पुलिस और किसानों में जिंदओद गांव में टकराव हो गया इस दौरान पथराव होने के बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और मामला गर्मा गया और पुलिस ने कई किसानों को हिरासत में ले लिया।
किसान नेता शिंगारा सिंह मान ने जारी किया था विडियो
वही किसान नेता शिंगारा सिंह मान ने बीती रात एक वीडियो जारी करके कहा था कि किसान हर हालत में धरना देने पहुंचेगें। भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के जिला अध्यक्ष शिंगारा सिंह मान ने बताया कि पिछले 11 माह से उनके किसान साथी जेल में बंद है। जिनकी रिहाई को लेकर वो समय समय पर प्रशासन को मिलकर मांग पत्र भी दे चुके हैं, लेकिन आज तक किसानों को रिहा नहीं किया गया।
इसके साथ ही हाईवे जाम होने के वजह से पुलिस ने बठिंडा से चंडीगढ़ जाने वाले ट्रैफिक को गांवो के रास्ते से डायवर्ट कर दिया है वही पुलिस ने कई किसानों को पटियाला के समाना से भी डिटेन किया है।वहां भी किसानों और पुलिस के बीच भयकंर टकराव की स्थिति बन गई है।
Top Tags