देशभर में आज श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के जन्मदिन के मौके पर प्रकाशोत्सव मनाया जा रहा है. श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के जन्मदिन का प्रतीक है प्रकाश पर्व, जो हर साल उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जाता है. गुरुद्वारों को प्रकाश से दर्शाने के लिए जगमगाती रोशनी से सजाया जाता है, जिसके बाद आनंद पाठ और प्रभात फेरी होती है, जो मुख्य त्योहार से कुछ दिन पहले शुरू होती है. जगह जगह लंगर चलाई जाती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रद्धांजलि अर्पित की
इसी के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर गुरु गोबिंद सिंह जी को श्रद्धांजलि अर्पित की और सिख गुरु के साहस, करुणा और बलिदान की स्थायी विरासत को याद किया. साथ ही उन्होंने गुरु जी के साहस, करुणा और बलिदान की याद दिलाई. हर साल सिख धर्म के लोग उनकी जयंती मनाते हैं. इस दिन गुरुद्वारों को विशेष रूप से सजाया जाता है. कीर्तन का भी आयोजन किया जाता है.
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में लिखा कि श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने हमेशा सेवा और निस्वार्थ कर्तव्य की प्रेरणा दी. उन्होंने कहा कि हम उनके सामने श्रद्धा के साथ झुकते हैं. उनका जीवन हमें मानव सम्मान की रक्षा करने और धर्म के लिए खड़े होने की सीख देता है. प्रधानमंत्री मोदी ने इस मौके पर पर इस साल की अपनी यात्रा के दौरान तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब की कुछ तस्वीरें भी शेयर की हैं. उन्होंने कहा कि उन्होंने वहां श्री गुरु गोबिंद सिंह जी और माता साहिब कौर जी के पवित्र जोड़े साहिब का दर्शन किए थे. इसके साथ ही माथा भी टेका था.
राष्ट्रपति ने दीं शुभकामनाएं
गुरु गोबिंद सिंह की जयंती पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भी शुभकामनाएं दी हैं. उन्होंने कहा कि श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व के पवित्र अवसर पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं. उन्होंने अदम्य साहस और असाधारण समझदारी से लोगों को सही रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित किया.
कौन थे गुरु गोबिंद सिंह?
गुरु गोबिंद सिंह का जन्म 22 दिसंबर 1666 को हुआ था. गुरु गोबिंद सिंह ने ही खालसा पंथ की स्थापना की थी. उन्होंने गुरु ग्रंथ साहिब को स्थायी गुरु घोषित किया था. वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतह’ का नारा गुरु गोबिंद सिंह ने ही दिया था. कल 26 दिसंबर को पूरे देश में वीर बाल दिवस मनाया गया, जिसमें गुरु गोबिंद सिंह के छोटे बेटों साहिबजादा जोरावर सिंह और साहिबजादा फतेह सिंह के ब/लिदान को याद किया गया विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन किए गए।
Top Tags