हरियाणा में कारोबार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकारी प्रक्रियाओं को आसान बनाने पर काम तेज हो गया है। राज्य में अनुपालन का बोझ कम करने और अनावश्यक मंजूरियों को हटाने के अभियान के तहत 8 प्राथमिक क्षेत्रों में सुधार लागू किए जा चुके हैं, जबकि 14 अन्य क्षेत्रों में सुधार अगले महीने तक लागू करने का लक्ष्य रखा गया है।
सरकार का फोकस ऐसे नियमों को हटाने पर है, जिनसे कारोबारियों और निवेशकों को बार-बार अलग-अलग विभागों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। स्वास्थ्य, उद्योग, बिजली, पर्यावरण, पर्यटन, शिक्षा और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस जैसे क्षेत्रों में प्रक्रियाओं को सरल बनाया जा रहा है।
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अनुसार, कारोबारियों के लिए दोहरी लाइसेंस व्यवस्था खत्म करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। इससे एक जैसे लाइसेंस, एनओसी और परमिट की जरूरत कम होगी। दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए भी पंजीकरण प्रक्रिया को सरल किया जा रहा है।
एमएसएमई के लिए भी राहत की तैयारी है। छोटे कारोबारों के लिए स्व-घोषणा, स्थापना से पहले कम अनुमोदन और निरीक्षण से राहत जैसी व्यवस्थाओं पर काम चल रहा है।
औद्योगिक प्लॉटों के उपयोग को भी अधिक लचीला बनाया गया है। कुछ शर्तों के साथ बड़े प्लॉट को अधिकतम तीन हिस्सों में बांटने की अनुमति दी गई है।
सरकार औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों के लिए आवास और बेहतर बुनियादी सुविधाएं विकसित करने पर भी जोर दे रही है। अधिकारियों को बाकी सुधार तय समय में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।


