4 सितंबर 2026। जन्माष्टमी के मौके पर पंजाब सरकार ने राज्य के करीब 85 हजार सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत देने का फैसला किया है। भगवंत मान सरकार ने 17 जुलाई 2020 के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों का महंगाई भत्ता (DA) 42% से बढ़ाकर 60% करने की सिफारिश की है। इससे इन कर्मचारियों का DA केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बराबर हो जाएगा।

यह फैसला उन कर्मचारियों पर लागू होगा जिनकी भर्ती पोस्ट-2020 व्यवस्था के तहत हुई है और जिनका वेतन केंद्र सरकार के 7वें वेतन आयोग (7th CPC) के पैटर्न पर आधारित है। हालांकि, अंतिम मंजूरी मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की ओर से दी जानी है।

यह सिफारिश तीन सदस्यीय कैबिनेट सब-कमेटी ने की है। इसमें वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री अमन अरोड़ा और सामाजिक सुरक्षा मंत्री डॉ. बलजीत कौर शामिल हैं।

अमन अरोड़ा बोले- कर्मचारी सुशासन की रीढ़

पंजाब भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री तथा AAP पंजाब अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने कहा कि कर्मचारी अच्छे शासन की रीढ़ हैं और सरकार उनके अधिकारों व सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि 17 जुलाई 2020 के बाद भर्ती कर्मचारियों को केंद्रीय 7वें वेतन आयोग के अनुरूप वेतन संरचना में लाया गया था, लेकिन उन्हें पंजाब सरकार के 42% DA के हिसाब से भुगतान किया जा रहा था। ऐसे में इस वर्ग के कर्मचारियों और केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बीच DA में अंतर बना हुआ था।

अमन अरोड़ा ने कहा कि पंजाब सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी कर्मचारी अपने केंद्रीय समकक्ष से कम वेतन न पाए। DA में बढ़ोतरी इसी अंतर को दूर करने की दिशा में कदम है।

किन कर्मचारियों को मिलेगा लाभ?

सरकार के अनुसार, इस फैसले से करीब 85 हजार कर्मचारी लाभान्वित होंगे। इनमें शिक्षक, पुलिस कांस्टेबल, क्लर्क, नर्स, स्वास्थ्य कर्मचारी, मेडिकल ऑफिसर, पटवारी और जूनियर इंजीनियर समेत कई श्रेणियां शामिल हैं।

  • 11,685 कांस्टेबल
  • 20,603 शिक्षक
  • 5,144 क्लर्क
  • 2,355 नर्स
  • 2,267 चपरासी
  • 1,467 मल्टी-पर्पज हेल्थ वर्कर
  • 1,248 मेडिकल ऑफिसर (जनरल)
  • 1,214 पटवारी
  • 1,129 जूनियर इंजीनियर

2020 के बाद भर्ती कर्मचारियों के लिए क्यों अहम है फैसला?

पंजाब में 17 जुलाई 2020 से पहले और उसके बाद भर्ती हुए कर्मचारियों की वेतन व्यवस्था में अंतर है। पुराने कर्मचारियों को पंजाब की अपेक्षाकृत अधिक वेतन संरचना का लाभ मिलता रहा है, जबकि 2020 के बाद भर्ती कर्मचारियों की शुरुआती वेतन व्यवस्था को केंद्र के 7वें वेतन आयोग के पैटर्न के अनुरूप किया गया।

सरकार का तर्क है कि ऐसे कर्मचारियों को 42% DA देना उनके लिए ज्यादा महत्वपूर्ण अंतर पैदा करता है, क्योंकि उन्हें पुराने पंजाब वेतन ढांचे का समान लाभ नहीं मिलता।

विपक्ष पर भी साधा निशाना

अमन अरोड़ा ने DA और वेतन समानता के मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष संविधान के अनुच्छेद 14 के आधार पर पंजाब के कर्मचारियों की केंद्र के साथ वेतन समानता की मांग कर रहा है, तो उसे पहले अपने-अपने राज्यों की सरकारों से भी कर्मचारियों के वेतन और भत्तों को केंद्र के बराबर करने की मांग करनी चाहिए।

नोट: DA को 60% करने की यह घोषणा फिलहाल कैबिनेट सब-कमेटी की सिफारिश है। अंतिम मंजूरी मुख्यमंत्री स्तर पर होना बाकी है।

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