हरियाणा सरकार ने जल (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) संशोधन अधिनियम, 2024 को राज्य में अपनाने का फैसला किया है। इस कदम से जल प्रदूषण से जुड़े नियमों और उनके पालन की व्यवस्था में बदलाव का रास्ता साफ होगा।
सरकार का मुख्य उद्देश्य जल प्रदूषण पर नियंत्रण बनाए रखने के साथ-साथ छोटे और प्रक्रियात्मक उल्लंघनों के मामलों में अनावश्यक आपराधिक कार्रवाई को कम करना है। ऐसे मामलों में दंड और अनुपालन की व्यवस्था को अधिक व्यावहारिक बनाने पर जोर दिया गया है।
मुख्य बातें:
- हरियाणा में संशोधित जल प्रदूषण कानून को अपनाया जाएगा।
- छोटे उल्लंघनों के लिए आपराधिक प्रावधानों को तर्कसंगत बनाने पर जोर।
- नियमों का पालन कराने के लिए जुर्माने जैसी व्यवस्था को बढ़ावा।
- प्रदूषण नियंत्रण और कारोबार में आसानी के बीच संतुलन बनाने का प्रयास।
इस संशोधन से हरियाणा में जल प्रदूषण की निगरानी और नियंत्रण की व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की उम्मीद है। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कानून के प्रावधानों को लागू करने और पर्यावरण से जुड़े नियमों की निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


