विश्व फोटोग्राफी दिवस 2026 के मौके पर कला और फोटोग्राफी के क्षेत्र में डॉ. एम.एस. रंधावा के योगदान को याद करते हुए एक विशेष कलात्मक श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस आयोजन के जरिए उनकी कला, प्रकृति प्रेम और पंजाब की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने की सोच को लोगों के सामने रखा गया।

डॉ. एम.एस. रंधावा को पंजाब की कला और संस्कृति को नई पहचान देने वाली प्रमुख हस्तियों में गिना जाता है। उन्होंने फोटोग्राफी, चित्रकला, बागवानी और लोक कला के संरक्षण को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी सोच में प्रकृति और संस्कृति एक-दूसरे से गहराई से जुड़ी हुई थीं।

कार्यक्रम में तस्वीरों और कलात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से डॉ. रंधावा की विरासत को दिखाया गया। उनके द्वारा पंजाब की ग्रामीण जिंदगी, प्राकृतिक सुंदरता और लोक परंपराओं को करीब से देखने की दृष्टि को खास तौर पर सामने रखा गया।

आयोजकों ने कहा कि फोटोग्राफी केवल तस्वीर खींचने की कला नहीं, बल्कि समय, समाज और संस्कृति को दर्ज करने का माध्यम भी है। डॉ. रंधावा की विरासत आज की पीढ़ी को अपनी जड़ों और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ने की प्रेरणा देती है।

विश्व फोटोग्राफी दिवस पर आयोजित यह श्रद्धांजलि कला प्रेमियों और फोटोग्राफी से जुड़े लोगों के लिए डॉ. रंधावा के योगदान को याद करने का खास अवसर बनी।

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