पंजाब के जल संसाधन, मृदा एवं जल संरक्षण तथा खनन एवं भू-विज्ञान मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने मंगलवार को कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य पंजाब के हर खेत, खासकर टेल-एंड (नहर के अंतिम छोर) तक 100 प्रतिशत नहरी पानी पहुंचाना है और यह लक्ष्य जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।
होशियारपुर के दातारपुर और घोगरा गांवों में करीब 123 करोड़ रुपये की लागत से तैयार कंडी नहर सिंचाई परियोजनाओं का उद्घाटन करते हुए मंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं से होशियारपुर और शहीद भगत सिंह नगर जिलों के किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि कंडी नहर प्रणाली के जरिए 450 गांवों की लगभग 1.35 लाख एकड़ कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी।
बरिंदर गोयल ने कहा कि पंजाब के इतिहास में पहली बार उपलब्ध नहरी पानी का 86 प्रतिशत उपयोग सिंचाई के लिए किया जा रहा है और अब नहर का पानी अंतिम छोर तक पहुंच रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों की अनदेखी के कारण नहरी पानी का उपयोग केवल 26 प्रतिशत तक सीमित रह गया था, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
शाह नहर परियोजना से हजारों किसानों को लाभ
मंत्री ने शाह नहर फीडर, शाह नहर कैनाल सिस्टम और घोगरा डिस्ट्रीब्यूटरी से जुड़े विकास कार्यों का भी उद्घाटन किया। उन्होंने बताया कि शाह नहर प्रणाली की 22 वितरिकाओं (डिस्ट्रीब्यूटरी) की हालत बेहद खराब थी। सरकार ने 78 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से इनकी कंक्रीट लाइनिंग कराई है, जिससे करीब 60 हजार एकड़ भूमि और 150 गांवों के किसानों को फायदा मिलेगा।
उन्होंने बताया कि होशियारपुर से बलाचौर तक बनी मुख्य कंडी नहर में रिसाव और सीपेज की समस्या के कारण पानी अंतिम छोर तक नहीं पहुंच पा रहा था। वर्ष 2023-24 में पुनर्वास और कंक्रीट लाइनिंग का कार्य पूरा होने के बाद अब पूरे नहर तंत्र में सुचारु रूप से पानी पहुंच रहा है।
अंडरग्राउंड पाइपलाइन और माइक्रो इरिगेशन पर जोर
बरिंदर गोयल ने बताया कि सरकार ने 80 करोड़ रुपये की लागत से अंडरग्राउंड पाइपलाइन आधारित सिंचाई प्रणाली विकसित की है, जिससे 215 गांवों की करीब 60 हजार एकड़ भूमि को बेहतर सिंचाई सुविधा मिल रही है। इसके विस्तार के लिए 17 करोड़ रुपये की अतिरिक्त परियोजना भी मंजूर कर दी गई है, जिससे लगभग 8,760 एकड़ और क्षेत्र को लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पानी पहुंचाने के लिए स्प्रिंकलर और ड्रिप इरिगेशन जैसी माइक्रो सिंचाई योजनाएं भी लागू की गई हैं। स्प्रिंकलर प्रणाली से 12 गांवों की 601 एकड़ भूमि और ड्रिप इरिगेशन से थरोली, मंझी और नारा गांवों की 144 एकड़ भूमि को सिंचाई सुविधा मिल रही है।
भूजल संरक्षण और बांधों की सफाई भी जारी
मंत्री ने बताया कि भूजल स्तर सुधारने के लिए बंद पड़े ट्यूबवेलों को पुनर्जीवित कर नहर का पानी पाइपलाइन के माध्यम से उनमें छोड़ा जा रहा है। इसके अलावा 5.16 करोड़ रुपये की लागत से रिचार्ज तालाब भी विकसित किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि होशियारपुर जिले के छह बांधों में जमी गाद (सिल्ट) को हटाने का कार्य भी चल रहा है। इससे बांधों की जल भंडारण क्षमता बढ़ेगी, किसानों को अधिक सिंचाई सुविधा मिलेगी और सरकार के राजस्व में भी वृद्धि होगी।
इस अवसर पर विधायक करमवीर सिंह घुमन और जसबीर सिंह राजा गिल सहित कई अधिकारी एवं किसान मौजूद रहे।


