अमेरिका और ईरान में जारी सिजफायर अप्रैल महीने में हुआ था जिसके बाद इसकी अवधि को बढ़ाने के लिए कई देशों द्वारा भी प्रयास किये जा रहें है वही  वैश्विक संक/ट पर अब बढ़ने वाले पेट्रोल डीजल और LPG पर भी समस्या बनी हुई  है दोनो देशों में जारी समझौता भी अटकता हुआ नजर आ रहा है बीती रात दोनो देशों में एक बार फिर से टकराव की समस्या शुरु हो गई जब दोनो देशों ने एक दूसरे पर हमलें करने शुरु कर दिये

तनाव तब शुरू हुआ जब अमेरिकी सेना ने खार्ग द्वीप के एक ईरानी बंदरगाह की ओर जा रहे बोत्सवाना के झंडे वाले एक तेल टैंकर पर हेलफायर मिसाइल से ह/मला किया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड का कहना है कि जहाज ने ईरानी बंदरगाहों पर लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंध और नाकेबंदी का पालन नहीं किया था।

ईरान ने जवाब देने के लिए लाइबेरिया के झंडे वाले एक जहाज पर मिसा/इलें दागने का दावा किया। हालात तब ज्यादा गंभीर हो गए जब अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट के पास केश्म द्वीप पर  पर एक ईरानी सैन्य नियंत्रण केंद्र को निशाना बनाया।

अमेरिका के हमले के बाद ईरान ने कुवैत और बहरीन की ओर मिसा/इल और ड्रो/न दागे।  ईरान का कहना है कि उसने क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी एयरबेस, हेलीकॉप्टर बेस और बहरीन में अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के मुख्यालय को निशाना बनाया। वहीं अमेरिका ने  दावा किया कि ईरान द्वारा किए गये उसके ठिकानों पर सभी हमले नाकाम रहे और ईरानी मिसाइलों व ड्रोन को या तो रास्ते में ही मार गिराया गया या वे अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच सके।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत पूरी तरह बंद नहीं हुई है. उन्होंने उन खबरों को खारिज किया, जिनमें कहा जा रहा था कि यु/द्ध समाप्त करने को लेकर वार्ता रुक गई है. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच लगातार संवाद जारी है.

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