इंडियन नेवी (भारतीय नौसेना) अपने बेड़े में तीन स्वदेशी जहाजों को शामिल करने जा रही है. हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की ताकत को और भी मजबूत करने के लिए इन जहाजों को शामिल किया जा रहा है क्योंकि चीन लगातार अपनी समुद्री ताकत में इजाफा कर रहा है. वही भारतीय नौसेना में इन जहाजो के शामिल होने से चीन की तरफ से की जारही कार्यवाहीयों पर नजर रखी जाएगी।
भारतीय नौसेना में शामिल होने वाले ये जहाज दुनागिरी, अग्रय और संशोधक हैं. इन्हें कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) द्वारा बनाया गया है. हाल ही में इन जहाजों को नौसेना को सौंपा गया है.
इनमें सबसे अहम ‘दूनागिरी’ है, जो 45,000 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट 17A प्रोग्राम के तहत तैयार किया गया पांचवां स्टेल्थ फ्रिगेट है. उम्मीद है कि इसे अगले एक महीने के भीतर आधिकारिक तौर पर नौसेना में कमीशन कर दिया जाएगा.
नीलगिरि, उदयगिरि, हिमगिरि और तारागिरि पहले से ही सेवा में हैं, वहीं महेंद्रगिरि और विंध्यगिरि के भी इस साल के आखिर में दूनागिरी के बाद बेड़े में शामिल होने की उम्मीद है।


