आज संसद के विशेष सत्र में 3 बिल में पेश किए जाएंगे। इन बिलों में महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में 2029 से पहले 33% आरक्षण देने का प्रस्ताव है। इसके लिए तीन दिन का विशेष सत्र बुलाया गया है। 16 से 18 अप्रैल तक चलने वाले संसद के इस विशेष सत्र में आज पहला दिन है जिसमें मोदी सरकार तीन महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने जा रही है इसमें सबसे महत्वपूर्ण विधेयक महिला आरक्षण से जुडें बिल को लेकर चर्चा है।
इन बिलों को कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह लोकसभा में पेश करेंगे । इस पर विपक्ष ने विरोध की तैयारी भी की है।
सरकार तीन बिल ला रही है
संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 – यह विधेयक नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 में संशोधन करेगा और आरक्षण को आगामी जनगणना से अलग करेगा।
परिसीमन विधेयक, 2026 –2011 की जनगणना के आधार पर लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों की नई सीमाएं तय करने के लिए नई परिसीमन आयोग का गठन करेगा।
केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 – दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और पुडुचेरी जैसे केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में भी महिला आरक्षण लागू करने के लिए।
सरकार लोकसभा सांसदों की मौजूदा संख्या 543 सीटों को बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव रख रही है, जिसमें राज्यों के लिए 815 सीटें और 35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों के लिए होंगी। इसमें से एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। लगभग 273 सीटें महिलाओं को मिलने की उम्मीद है।


