अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध अब 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है। अमेरिका में इजराइल के राजदूत येचिएल लीटर ने स्पष्ट किया कि उनका देश सैन्य अभियान तब तक जारी रखेगा, जब तक ईरान को पूरी तरह कमजोर नहीं कर दिया जाता। उन्होंने कहा कि इजराइल अब ऐसे देश के साथ नहीं रह सकता, जो उस पर लगातार हमले कर रहा है, जो लगातार उसके विनाश की बात करता हो और उस पर मिसाइल हमले करता रहा हो। इसके साथ ही ईरान ने चेतावनी दी कि यदि ईरान के परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया गया, तो वह होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर सकता है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ सकता है।
23 दिनों में करीब 2500 लोग मारे गए
इन 23 दिनों में करीब 2500 लोग मारे जा चुके हैं. अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए, वही ईरान ने भी इसका जवाब मिसाइलों और ड्रोन से दिया अमेरिका और इजरायल के हमलों में ईरान के अंदर अब तक 1500 से 2000 लोग मारे जा चुके हैं सैनिक, सुरक्षा अधिकारी और आम नागरिक सब शामिल हैं. इसके अलावा लेबनान में हिजबुल्लाह के साथ लड़ाई में भी सैकड़ों लोगों की जान गई है. सब मिलाकर यह आंकड़ा हर दिन बढ़ रहा है. ईरान ने रविवार रात इजराइल की राजधानी तेल अवीव समेत कई शहरों पर क्लस्टर बम दागे।
इस हमले में करीब 15 लोग घायल हुए, जिनमें एक की हालत गंभीर है। कई घरों और सड़कों को भी नुकसान पहुंचा। इसके बाद इजराइल ने भी सोमवार को ईरान की राजधानी तेहरान में मिसाइल हमले किए।
वही एक्सियोस न्यूज के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की टीम ईरान के साथ सीजफायर पर बात करना चाहती है। हालांकि अब ईरान ने बातचीत के लिए शर्त रखी है कि ईरान का कहना है पहले जंग रोकी जाए और उसे हुए नुकसान का मुआवजा दिया जाए। ईरान का यह भी कहना है कि भविष्य में उस पर फिर से हमला नहीं होगा, इसकी पक्की गारंटी मिले।


