चंडीगढ़, 29 जनवरी – हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने प्रदेश के लोगों से आह्वान किया कि कुष्ठ रोगियों के साथ भेदभाव खत्म करें तथा उनकी गरिमा सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि “स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान” कल 30 जनवरी से शुरू होकर 13 फरवरी तक चलेगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने महात्मा गांधी की पुण्यतिथि 30 जनवरी के अवसर पर उनको नमन करते हुए कहा कि महात्मा गांधी को कुष्ठ रोग से प्रभावित लोगों के प्रति गहरा प्यार और करुणा थी। उनका मानना था कि कुष्ठ रोग न तो कोई अभिशाप है और न ही कोई पाप, बल्कि यह एक आम बीमारी है। इसलिए, उन्होंने व्यक्तिगत रूप से सेवाग्राम आश्रम में कुष्ठ रोगियों की सेवा की, उनके घावों की देखभाल की, और उनके साथ रहे, ताकि समाज यह समझ सके कि हमें बीमारी से लड़ना है, रोगी से नहीं।
आरती सिंह राव ने बताया कि “स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान” वर्ष 2017 से हर साल राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत आयोजित किया जा रहा है। हर साल, भारत सरकार इस अभियान के लिए एक खास थीम तय करती है। वर्ष 2026 की थीम है “भेदभाव खत्म करें, गरिमा सुनिश्चित करें।”
उन्होंने कहा, “कुष्ठ रोग के बारे में सही जानकारी की कमी के कारण, समाज में इस बीमारी के बारे में कई गलतफहमियां अभी भी मौजूद हैं। इन गलतफहमियों को दूर करने और जागरूकता फैलाने के लिए, “स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान (SLAC)” 30 जनवरी से 13 फरवरी 2026 तक चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य कुष्ठ रोग से प्रभावित लोगों के प्रति सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करना और किसी भी प्रकार के भेदभाव को रोकना है।


