‘जय माता दी’ के जयकारों के बीच माता वैष्णो देवी यात्रा बुधवार सुबह एक बार फिर शुरू हो गई। 22 दिन पहले एक भयानक भूस्ख/लन की वजह से यह यात्रा रोक दी गई थी, जिसमें 34 लोगों की जा/न चली गई थी और 20 लोग घा/यल हो गए थे। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड (SMVDSB) ने मौसम अनुकूल होने पर बुधवार सुबह से यात्रा दोबारा शुरू करने का ऐलान किया। इस खबर से कटरा शहर में डेरा डाले भक्तों के चेहरों पर खुशी छा गई, जो यात्रा के लिए बेस कैंप में इंतजार कर रहे थे।
आपको बतादें नवरात्रि से ठीक पहले आखिरकार भक्तों को माता वैष्णो देवी ने बुला ही लिया है , लाखों-करोड़ों भक्तों के लिए माता वैष्णो देवी का बुलावा आ गया है. पिछले दिनों अर्धकुंवारी में लैंडस्ला/इड की वजह से बड़े पैमाने पर नुक/सान हुआ था, जिसके बाद माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग को बंद कर दिया गया था. तीन सप्ताह से भी ज्यादा समय से यात्रा मार्ग को सही करने का काम चल रहा था. पुनर्निर्माण के काम में जुटे अधिकारियों-कर्मचारियों की मेहनत रंग लायी और नवरात्रि से ठीक पहले माता वैष्णो देवी मार्ग को बहाल कर दिया गया है. 22 दिन के विराम के बाद शुरू हुई यात्रा को लेकर भक्तों में खास उत्साह देखा जा रहा है. माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने आज सुबह से अनुकूल मौसम की स्थिति में यात्रा को फिर से खोलने की घोषणा की, जिससे कटरा शहर में डेरा डाले हुए कई श्रद्धालुओं के चेहरे खिल उठे। कटरा शहर तीर्थयात्रियों का आधार शिविर है। आधार शिविर कटरा स्थित रजिस्ट्रेशन काउंटर पर श्रद्धालुओं की भीड़ देखी जा रही है.
तीर्थयात्रियों के चेहरेखुशी से खिले
सैकड़ों तीर्थयात्री तड़के ही यात्रा के आरंभ स्थल बाणगंगा दर्शनी द्वार पर एकत्रित हुए और तीर्थयात्रा शुरू होने पर अपार खुशी और राहत व्यक्त की। श्राइन बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि खराब मौसम और तीर्थस्थल तक जाने वाले मार्ग के आवश्यक रखरखाव के कारण अस्थायी रूप से स्थगित किए जाने के बाद, पहाड़ी पर स्थित इस तीर्थस्थल की ओर जाने वाले दोनों मार्गों से यात्रा सुबह 6 बजे शुरू हो गई।
नवरात्रि के दौरान भीड़ बढ़ने की उम्मीद
यात्रियों की सुरक्षा को लेकर श्राइन बोर्ड ने सभी भक्तों से सुरक्षा नियमों का सयख्ती से पालन करने और आधिकारिक सूचनाओं के जरिए अपडेट रहने की अपील की है। रास्ते को अब सुरक्षित घोषित कर दिया गया है, और उम्मीद है कि आने वाले दिनों में, खासकर 22 सितंबर से 1 अक्टूबर तक चलने वाली नवरात्रि के दौरान, भक्तों की भीड़ और बढ़ेगी। यात्रा को 26 अगस्त को उस वक्त रोका गया था, जब मंदिर के रास्ते पर भूस्ख/लन हुआ था, जिसने भारी तबा/ही मचाई थी। अब यात्रा फिर से शुरू होने से भक्तों में उत्साह है और माता के दर्शन की आस लिए वे त्रिकुटा पर्वत की ओर बढ़ रहे हैं। रिपोर्ट न्यूज पीडिया24