हिमाचल प्रदेश में मौसम का ता/डंव किसी से छुपा नहीं है. पहाड़ो पर भारी बारिश और भूस्ख/लन के चलते पहाड़ो की खूबसूरती ड/र में बदल गई थी लोग जाने से कत/राने लगें थें लेकिन अब हिमाचल प्रदेश में मौसम के अजब-गजब रंग भी देखने को मिल रही हैं. प्रदेश में सर्दियों का सीजन शुरू होने से पहले ही बर्फबारी होने लगी है. प्रदेश के किन्नौर, लाहौल स्पीति, चंबा और कुल्लू मनाली के सामने ऊंची पहाड़ियों पर बर्फबारी हुई है. ऐसे में मौसम के अजब गजब रंग देखने को मिल रहे हैं. हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले के उपमंडल काजा में सितंबर के शुरुआत में हुए हिमपात से पूरा क्षेत्र सफेद चादर में ढक गया है। मानो लग रहा फिर से प्राकृतिक सौंर्दय की खूबसूरत तस्वीर उभर कर सामने आ गई हो, हिमपात से तापमान में अचानक गिरावट आई और लोगों को ठिठुरन का सामना करना पड़ रहा है। पहाड़ों पर ताजा हिमपात से जहां ठंड बढ़ी है, वहीं मठों और अन्य पर्यटन स्थलों की खूबसूरती और भी निखर गई है।
काजा और आसपास के इलाकों में रात से हल्की बर्फबारी शुरू हुई, जो सुबह तक जारी रही। इससे घाटियों और पहाड़ी ढलानों पर सफेदी की परत जम गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बार सितंबर में ही हिमपात होना मौसम के लिहाज से असामान्य है। आमतौर पर यहां अक्टूबर-नवंबर से बर्फबारी का सिलसिला शुरू होता है। ताजा हिमपात से पर्यटकों की भीड़ एक बार फिर काजा की ओर बढ़ने लगी है। बौद्ध मठों, की-गोंपा और आसपास के दर्शनीय स्थलों पर बर्फ की चादर बिछने से रौनक लौट आई है। कई सैलानी सुबह-सुबह बर्फबारी के बीच घूमते और तस्वीरें खींचते नजर आए। होटल व्यवसायियों और स्थानीय कारोबारियों के चेहरों पर भी रौनक लौट आई है। दरअसल, किन्नौर के किन्नर कैलाश, चंबा के मणिमहेश, मनाली के सामने हनुमान टीबा और फ्रेंडशिप पीक पर बर्फबारी दर्ज की गई है. आम तौर पर लाहौल स्पीति में दर्रों पर गर्मियों में बर्फबारी होना आम बात थी. लेकिन इस बार मौसम के अलग नजारे देखने को मिल रहे हैं, ऐसे में बड़ा सवाल यह भी है कि क्या इस बार सर्दियां पहले ही दस्तक दे देंगी. रिपोर्ट न्यूज पीडिया 24