देश के साथ विदेशों में भी गणेश चतुर्थी का पर्व भक्ति और उल्लास के साथ मनाया जाता है. गणपति बप्पा की पूजा करने से जीवन में आने वाली सभी बाधाओं से छुटकारा मिलता है और भगवान गणेश की कृपा से जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है ,10 दिनों तक गणपति बप्पा की घर में पूजा अर्चना करने के बाद, अंतिम दिन उनकी विदाई का समय होता है, जिसे गणेश विसर्जन कहते हैं. हिन्दू धर्म में गणेश विसर्जन का अत्यधिक धार्मिक महत्व है. गणेश पर्व का समापन 6 सितंबर को होगा। इसी दिन अनंत चतुर्दशी भी मनाई जाती है। माना जाता है कि गणपति अपने साथ भक्तों के दुखों को लेकर जाते हैं और उनके जीवन को खुशहाली से भर देते हैं. गणपति की स्थापना के साथ ही गणेश विसर्जन का भी खास महत्व होता है. जैसे भगवान को शुभ मुहूर्त मे स्थापना का महत्व है. वैसे ही शुभ मुहूर्त मे विदाई का भी विशेष महत्व है. गणेश पर्व हर साल भक्ति भाव के साथ मनाया जाता है। गणेश उत्सव का समापन अनंत चतुर्दशी के दिन होता है। हालांकि कुछ साधक अनंत चतुर्दशी से पहले भी बप्पा की विदाई करते हैं
इस मुहूर्त में करें बप्पा की विदाई
शुभ चौघड़िया: प्रातः 7:36 मिनट से 9:10 मिनट तक
लाभ चौघड़िया: दोपहर 1:54 मिनट से 03:28 मिनट तक
अमृत चौघड़िया:दोपहर 3:29 मिनट से 05:03 मिनट तक
लाभ चौघड़िया:शाम 6:37 मिनट से 08:03 मिनट
बप्पा के विसर्जन की विधि
सुबह स्नान के बाद साफ कपडें पहनकर गणेश जी का ध्यान करें. इसके बाद घी का दीपक जला कर गणेश भगवान के मंडप के सामने बैठकर ध्यान लगाएं, साथ ही चौकी पर स्वच्छ पीला या लाल वस्त्र बिछाकर स्वास्तिक बनाएं और अक्षत रखें. उसके बाद विसर्जन से पहले गणपति की अंतिम पूजा करें, गणेश जी को स्नान कराएं, नए वस्त्र पहनाएं, और कुमकुम का तिलक लगाएं, दूर्वा, फूल, मोदक, और लड्डू का भोग लगाएं.गणेश मंत्रों का जाप करें, जैसे “ॐ गं गणपतये नमः” और गणेश स्तोत्र का पाठ करें. परिवार के सभी सदस्यों के साथ गणेश जी की आरती करें. अंत में पूजा में हुई भूल चूक के लिए माफी मांगे, गणेश जी की प्रतिमा को अपने घर के पास किसी पवित्र नदी में विसर्जन कर दें। मूर्ति को जल में विसर्जित करने से पहले “गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ” का जयकारा लगाएं. उनसे अगले साल फिर आने की प्रार्थना करते हैं। यह विसर्जन इस बात का भी प्रतीक है कि शिव पुत्र अपने साथ भक्तों के सभी दुखों और बाधाओं को भी ले जाते हैं।
गणेश विसर्जन के दौरान करें इन मंत्रों का जाप
“ॐ गं गणपतये नमः” यह सबसे सामान्य और सरल मंत्र है जो गणेश जी को समर्पित है. यह मंत्र जीवन की बाधाओं को दूर करता है और इसके जाप से मन को शांति मिलती है बच्चों को भी इस मंत्र द्वारा पूजा करवाना चाहिए,रिपोर्ट न्यूज पीडिया24


