चंडीगढ़, 23 जुलाई: बॉलीवुड की जानी-मानी अभिनेत्री और भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता किरण खेर, जो चंडीगढ़ से लोकसभा सांसद भी रह चुकी हैं, एक बार फिर सुर्खियों में हैं—इस बार कारण कोई फिल्मी खबर नहीं, बल्कि सरकारी बकाया को लेकर जारी हुआ एक कानूनी नोटिस है। नगर प्रशासन की ओर से उन्हें करीब 13 लाख रुपये के बकाया किराए को लेकर नोटिस थमा दिया गया है, जिससे उन्हें आर्थिक और कानूनी दोनों मोर्चों पर झटका लगा है।
क्या है पूरा मामला?
किरण खेर को यह नोटिस उनके सेक्टर-7 स्थित सरकारी आवास (टी-6/23) के किराए को लेकर भेजा गया है।
प्रशासन की रिपोर्ट के मुताबिक,
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किरण खेर पर कुल ₹12,76,418 का बकाया है।
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इसमें न केवल लाइसेंस शुल्क (सरकारी किराया) शामिल है, बल्कि उस पर लगाया गया 100% से 200% तक का जुर्माना भी जुड़ा हुआ है।
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अगर वह इस राशि का समय पर भुगतान नहीं करती हैं, तो उस पर 12% सालाना ब्याज भी लगाया जाएगा।
यह नोटिस 24 जून 2025 को उनके सेक्टर 8-ए स्थित निवास स्थान (हाउस नंबर 65) पर भिजवाया गया था। जारी नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि अगर निर्धारित समय सीमा में बकाया चुकाया नहीं गया, तो कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
कैसे हुआ इतना बड़ा बकाया?
सरकारी आवास में रहने वाले सांसदों और पूर्व सांसदों को आवासीय सुविधाएं सीमित समय तक मुहैया कराई जाती हैं। कार्यकाल समाप्त होने के बाद इन सुविधाओं का उपयोग जारी रखने पर किराया और अन्य शुल्कों की जिम्मेदारी स्वयं व्यक्ति की होती है।
जानकारी के अनुसार, किरण खेर ने आवास का उपयोग कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी किया और समय पर किराया जमा नहीं किया। यही नहीं, प्रशासन का यह भी कहना है कि कुछ महीनों का किराया लंबे समय से लंबित था, जिस पर अब पेनल्टी और ब्याज भी जुड़ गया है।
अब आगे क्या होगा?
प्रशासन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि निर्धारित समय में बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया, तो:
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प्रति वर्ष 12% ब्याज लागू किया जाएगा।
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आगे चलकर वसूली की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है, जिसमें संपत्ति कुर्की या अन्य कानूनी कदम भी शामिल हो सकते हैं।
किरण खेर की चुप्पी
इस पूरे मामले में अब तक किरण खेर की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। न तो उन्होंने कोई सफाई दी है, और न ही बकाया चुकाने के लिए कोई समयसीमा तय की गई है। राजनीतिक हलकों में इसे लेकर चर्चा तेज है और इस मुद्दे पर विपक्षी दल भी हमलावर रुख अपना सकते हैं।
राजनीतिक और सामाजिक नजरिया
पूर्व सांसदों और जनप्रतिनिधियों के प्रति आम जनता का नजरिया पहले ही सवालों के घेरे में रहता है। ऐसे में एक वरिष्ठ नेता और चर्चित अभिनेत्री द्वारा सरकारी आवास का बकाया किराया न चुकाना एक संवेदनशील मुद्दा बन सकता है। यह मामला केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रतिष्ठा और सार्वजनिक जिम्मेदारी से भी जुड़ा है।


