चंडीगढ़, 16 जुलाई: ऑनलाइन फिल्म पायरेसी से बॉलीवुड को हो रहे आर्थिक और क्रिएटिव नुकसान को देखते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने एक बेहद अहम फैसला सुनाया है। टिप्स फिल्म्स लिमिटेड द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने उन 56 वेबसाइट्स पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है, जो बिना अनुमति के फिल्में स्ट्रीम या डाउनलोड कराने में संलिप्त पाई गई थीं।

किन फिल्मों की हो रही थी पायरेसी?

याचिका में टिप्स फिल्म्स लिमिटेड ने अपनी दो नई फिल्मों –
🔹 ‘मालिक’
🔹 ‘सरबाला जी’
के लिए पायरेसी का खतरा जताया था।

कंपनी का कहना था कि इन फिल्मों की रिलीज़ के साथ ही कई अवैध वेबसाइट्स पर इन्हें बिना अनुमति के स्ट्रीम और शेयर किया जा रहा है, जिससे फिल्मों के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पर बुरा असर पड़ सकता है और निर्माता को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है।

कोर्ट का रुख – कॉपीराइट उल्लंघन नहीं होगा बर्दाश्त

जस्टिस अमित बंसल की बेंच ने इस केस में सुनवाई करते हुए कहा:

“कोई भी वेबसाइट निर्माता की पूर्व अनुमति के बिना उनके कॉपीराइट कंटेंट को होस्ट, स्ट्रीम या वितरित नहीं कर सकती। ऐसा करना कानून का उल्लंघन है और इससे निर्माता को अपूरणीय क्षति हो सकती है।”

56 वेबसाइट्स पर प्रतिबंध

कोर्ट ने देशभर के इंटरनेट सेवा प्रदाताओं (ISPs) को निर्देश दिया कि वे इन 56 वेबसाइट्स को तुरंत ब्लॉक करें, ताकि न तो इन्हें भारत में एक्सेस किया जा सके और न ही इनके ज़रिए फिल्में डाउनलोड या स्ट्रीम की जा सकें।

यह एक अंतरिम राहत है जो फिल्मों की वैध रिलीज़ और व्यवसायिक हितों की रक्षा के लिए दी गई है।

अगली सुनवाई और कोर्ट की अपेक्षाएं

  • सभी संबंधित पक्षों को 15 सितंबर 2025 तक अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश।

  • अगली सुनवाई की तारीख: 17 नवंबर 2025 तय की गई है।

यह फैसला क्यों है महत्वपूर्ण?

  • यह निर्णय उन फिल्म निर्माताओं के लिए उम्मीद की किरण है जो पायरेसी के कारण भारी नुकसान उठाते हैं।

  • साथ ही यह स्पष्ट संदेश देता है कि डिजिटल अधिकारों की रक्षा अब न्याय व्यवस्था के केंद्र में है।

  • इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स पर भी अब जिम्मेदारी तय की जा रही है कि वे अवैध कंटेंट को रोकने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

 

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