चंडीगढ़, 21 मार्च: पंजाब कैबिनेट ने अपनी हालिया बैठक में एक महत्वपूर्ण पॉलिसी को मंजूरी दे दी है, जिसका उद्देश्य जेलों में भीड़भाड़ को कम करना और खतरनाक अपराधियों पर काबू पाना है। इस नई पॉलिसी के तहत विचाराधीन कैदियों को एक राज्य से दूसरे राज्य में ट्रांसफर करने के लिए ट्रांसफर ऑफ प्रीजन एक्ट-1950 में संशोधन किया गया है।

वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने इस निर्णय की जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रक्रिया के तहत विचाराधीन कैदियों को एक राज्य से दूसरे राज्य में भेजने के लिए दोनों राज्यों की सहमति आवश्यक होगी। इसके बाद ट्रायल कोर्ट की मंजूरी से कैदियों का ट्रांसफर किया जाएगा। यह कदम विशेष रूप से पंजाब की जेलों में बढ़ती भीड़भाड़ को नियंत्रित करने में सहायक होगा।

वित्त मंत्री ने कहा कि पंजाब की जेलों में फिलहाल 31,000 कैदी बंद हैं, जिनमें से 11,000 कैदी एनडीपीएस मामलों में, 200 गैंगस्टर, 75 आतंकवादी और 160 बड़े तस्कर शामिल हैं। इस नई पॉलिसी के माध्यम से पंजाब की जेलों में छिपे हुए गैंगस्टरों को अन्य राज्यों की जेलों से यहां लाया जा सकेगा, जिससे पंजाब में आपराधिक गतिविधियों को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।

यह कदम राज्य की जेल प्रणाली को मजबूत करेगा और अपराधियों पर निगरानी को प्रभावी बनाएगा। साथ ही, इस नीति से जेलों में भीड़भाड़ की समस्या पर भी काबू पाया जा सकेगा।

 

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