योगी सरकार की परीक्षाओं में अनियमितताओं पर कड़ा कदम…

CM योगी ने  उत्तर प्रदेश के हर एक पहलु को ध्यान में रखते हुए और सत्ता संभालते ही प्रतियोगी परीक्षाओं में व्याप्त अनियमितताओं पर कड़ा प्रहार किया. पहले की सरकारों में पेपर लीक, नकल और सॉल्वर गैंग जैसी समस्याएं आम थीं, जो युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करती थीं लेकिन 2017 के बाद सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई. पेपर लीक करने वालों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगाने के निर्देश दिए गए.

 

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की परिक्षाएं निरस्त होने का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है. उत्तर प्रदेश CMO की ओर से जारी एक बयान मे कहा गया है CM योगी ने कैंडिडेटस के हित में एक बडा फैसला लिया है मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को असिस्टेंट प्रोफेसर की परीक्षा निरस्त करने का फैसला लिया है. इससे पहले आयोग ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को स्थगित करने का फैसला किया था. वहीं टीजीटी-पीजीटी की परीक्षा भी कई बार स्थगित होने के बाद अभी तक यह तय नहीं हो पाया है कि यह परीक्षा फिर कब आयोजित की जाएगी. इस तरह से परीक्षाएं स्थगित होने, रद्द होने और पेपर लीक से प्रदेश के युवा परेशान हैं.

योगी सरकार ने असिस्टेंट प्रोफेसर के 981 पदों के लिए हुई परीक्षा निरस्त कर दी. सीएम योगी ने इस मामले की जांच के आदेश दिए थे औऱ काफी समय से परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायत मिलने के बाद उन्होने परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया. परीक्षा रद्द करने के बाद सीएम योगी ने आयोग को जल्द परीक्षा कराए जाने का निर्देश दिया है.