निपाह पर WHO की राहत भरी खबर..घबराने की जरूरत नहीं

भारत में निपाह वायरस के ताजा मामलों को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने एक महत्वपूर्ण अपडेट जारी किया है। 30 जनवरी को दी गई जानकारी के अनुसार, देश में इस वायरस के फैलने का जोखिम बेहद कम है और आम जनता को घबराने की आवश्यकता नहीं है। भारत पहले भी इन निपाह वायरस के प्रकोप से निपट चुका है और सफलतापूर्वक इसने इसका सामना किया है।

WHO ने यह भी कहा है आगे और भी लोगो के संपर्क में आने की संभावना से पूरी तरह इनकार नही किया जा सकता है। क्योंकि बांग्लादेश और भारत में कुछ इलाको में यह वायरस चमगादड़ो में पहले से मौजूद है।

निपाह वायरस के दो मामलें इस महीनें भारत के पश्चिम बंगाल में हुई है।  इस वायरस से एक पुरुष और एक महिला संक्रमण में आए थे जिनमें पुरुष की हालत अब स्थिर है और महिला की हालत में अभी गंभीर बनी हुई है। 2018 में पहली बार सामने आने के बाद से केरल में निपाह से दर्जनों मौतें हो चुकी हैं.

WHO ने किसी भी प्रकार के ट्रैवल या ट्रेड (व्यापार) प्रतिबंध की आवश्यकता को खारिज कर दिया है WHO का कहना है यह वायरस एक जूनोटिक बिमारी है जो मुख्यत: चमगादड़ो से फैलती है चमगादड़ो के फल खाने से यह बिमारी लोगों में फैलती है । हालांकि यह कोविड़ 19 की तरह जल्दी फैलने वाला वायरस नही है।