20 से 22 मई तक देश के इन हिस्सों में बारिश, आंधी और तेज हवाओं का खतरा – जानिए पूरा मौसम अपडेट!

चंडीगढ़, 20 मई: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 20, 21 और 22 मई के लिए एक महत्वपूर्ण मौसम चेतावनी अलर्ट जारी किया है। देश के कई हिस्सों में आने वाले तीन दिनों के दौरान गंभीर मौसम बदलाव देखने को मिलेंगे, जिनमें तेज हवाएं, गरज-चमक के साथ बारिश और कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।

साथ ही, देश के दक्षिणी भागों में दक्षिण-पश्चिम मानसून की धीमी लेकिन स्पष्ट दस्तक भी दर्ज की गई है। 19 मई को मानसून ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में सक्रियता दिखाई है, और इसके चलते देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज तेजी से बदलने वाला है।

 किन राज्यों में है चेतावनी अलर्ट?

पूर्वी और मध्य भारत में भारी गतिविधि की संभावना

  • राज्य: पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़

  • संभावित प्रभाव:

    • गरज-चमक के साथ तेज बारिश

    • 60 किमी/घंटा तक की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं

    • अगले 7 दिनों तक मौसम अस्थिर बना रह सकता है

दक्षिण भारत में मानसूनी हलचल

  • राज्य: केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, पुडुचेरी

  • संभावित प्रभाव:

    • भारी बारिश की संभावना

    • 30-50 किमी/घंटा की तेज हवाएं

    • नमी और गर्मी के कारण असहज मौसम

उत्तर-पश्चिम भारत में ओले और धूल भरी आंधी

  • राज्य: जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड

  • संभावित प्रभाव:

    • हल्की से मध्यम बारिश

    • ओलावृष्टि संभव

  • राजस्थान, पंजाब, हरियाणा

    • 20 से 22 मई के बीच धूल भरी आंधी की संभावना

    • दृश्यता में कमी और अस्थायी जनजीवन पर असर पड़ सकता है

राजधानी दिल्ली और NCR में मौसम का बदलेगा रुख

दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों जैसे नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद और गाज़ियाबाद में भी आने वाले तीन दिनों में गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है

  • गरज के साथ तेज हवाएं चलेंगी

  • हल्की से मध्यम बारिश की संभावना

  • 20 से 22 मई के बीच 30 से 50 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी-तूफान चल सकते हैं

  • गर्मी और उमस के बावजूद मौसम में अस्थिरता बनी रहेगी

 मानसून की धीमी दस्तक – क्या है आगे का हाल?

19 मई को दक्षिण-पश्चिम मानसून ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में सक्रिय होना शुरू किया है। मौसम विभाग के अनुसार:

  • आने वाले दिनों में इसका विस्तार केरल और दक्षिण भारत के अन्य हिस्सों तक हो सकता है

  • साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ रेखा (trough line) के कारण पूरे भारत में मौसम प्रभावित होगा

  • मानसून की यह शुरुआती गतिविधि सामान्य से थोड़ी जल्दी मानी जा रही है

 क्या करें, क्या न करें? (सावधानियां)

क्या करें:

  • मौसम विभाग के ताज़ा अलर्ट पर नज़र रखें

  • घर से बाहर निकलते समय छाता या रेनकोट रखें

  • वाहन चलाते समय सतर्क रहें, खासकर आंधी-तूफान में

  • बच्चों और बुजुर्गों को तेज हवाओं के समय घर के अंदर रखें

क्या न करें:

  • पेड़ या बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों

  • तेज बारिश या ओलावृष्टि में खुले में यात्रा न करें

  • अफवाहों से बचें, केवल आधिकारिक मौसम रिपोर्ट पर भरोसा करें