पंजाब में ग्राम-स्तरीय मानसिक स्वास्थ्य और न/शा/मुक्ति पहल: एक नई शुरुआत

पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने मोहाली के बूथगढ़ स्वास्थ्य ब्लॉक में एक महत्वपूर्ण पायलट परियोजना का शुभारंभ किया है, जिसका उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य और मादक द्रव्य सेवन विकारों की ग्राम-स्तरीय जांच और उपचार को सक्षम बनाना है। यह परियोजना भारत के सात राज्यों में से पंजाब में शुरू की गई है और इसका लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाना है।

डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि वर्तमान में भारत में मानसिक स्वास्थ्य सुविधा केवल ज़िला स्तर तक सीमित है, जिससे मरीजों को इलाज प्राप्त करने में दिक्कत होती है। इस परियोजना के तहत स्क्रीनिंग, उपचार और रेफरल सुविधा सीधे गांवों तक पहुंचाई जाएगी, जिससे सामाजिक लज्जा, जागरूकता की कमी और पहुंच की समस्या जैसे मुद्दे दूर होंगे। इसके लिए स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण किया गया है और एक सुरक्षित मोबाइल ऐप भी विकसित किया गया है जो जांच और उपचार में मदद करेगा।

पायलट परियोजना के तहत मोहाली जिले में मूख्य स्वास्थ्य केंद्रों पर मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल शुरू हो चुकी है और बूथगढ़ ब्लॉक में 1 सितंबर, 2025 से इसका विस्तार किया जाएगा। साथ ही, राज्य सरकार सभी ज़िला, उप-मंडल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को 24×7 चालू करते हुए अतिरिक्त डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की तैनाती करेगी।

डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “मानसिक स्वास्थ्य शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है। इस परियोजना से ग्रामीण क्षेत्रों में समय पर इलाज संभव होगा और सामाजिक लज्जा कम होगी। यह राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम 2.0 की नींव रखेगा।”

यह पहल पंजाब में मानसिक स्वास्थ्य सेवा को आगे बढ़ाने और मादक द्रव्य सेवन की समस्या से निपटने के लिए एक बड़े बदलाव की शुरुआत है। इस कदम से ग्रामीण स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाएं और मजबूत होंगी और राज्यवासियों को बेहतर इलाज मिलेगा।