US Global Entry Ban 2025: ट्रंप की वापसी के साथ इमिग्रेशन नीति फिर से सख्त!

चंडीगढ़, 5 जून: डोनाल्ड ट्रंप की अमेरिकी राजनीति में वापसी के साथ ही इमिग्रेशन नीतियों में कठोरता फिर देखने को मिल रही है। हालिया फैसले में 12 देशों के नागरिकों के अमेरिका में प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है, जबकि 7 अन्य देशों के नागरिकों के लिए आंशिक पाबंदियां लागू की गई हैं। ट्रंप प्रशासन ने इस फैसले को राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में बताया है और इसे 9 जून 2025 से लागू किया जाएगा।

इन 12 देशों के लिए अब अमेरिका पूरी तरह बंद

नए नियमों के तहत इन देशों के नागरिक किसी भी परिस्थिति में अमेरिका में प्रवेश नहीं कर सकेंगे – न पर्यटन, न काम, न शिक्षा, न ही ट्रांजिट वीजा पर। यहां तक कि अमेरिकी एयरपोर्ट पर पहुंचने पर भी उन्हें तुरंत हिरासत में लिया जाएगा।

पूरा प्रतिबंध इन देशों पर लागू होगा:

  1. अफगानिस्तान

  2. ईरान

  3. म्यांमार (बर्मा)

  4. लीबिया

  5. चाड

  6. कांगो गणराज्य

  7. इरिट्रिया

  8. हैती

  9. इक्वेटोरियल गिनी

  10. सूडान

  11. यमन

  12. सोमालिया

 इन सभी देशों के लिए वीजा अप्रूवल प्रक्रिया भी पूरी तरह से स्थगित कर दी गई है।

7 देशों के लिए आंशिक प्रतिबंध और वीजा सख्ती

इन देशों के नागरिक अब अमेरिका में आ सकेंगे, लेकिन वीजा प्रक्रिया को सख्त कर दिया गया है और ठहराव की अवधि सीमित कर दी गई है। B-1 (व्यवसाय), B-2 (पर्यटन), F (विद्यार्थी), M (तकनीकी कोर्स), और J (एक्सचेंज प्रोग्राम) वीजा पर खास तौर पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।

जिन 7 देशों पर आंशिक पाबंदी लागू हुई है:

  1. बुरुंडी

  2. क्यूबा

  3. लाओस

  4. सिएरा लियोन

  5. टोगो

  6. तुर्कमेनिस्तान

  7. वेनेजुएला

 इन देशों से आने वालों को वीजा मिलने में देरी होगी और अमेरिका में लंबे समय तक रुकने की अनुमति नहीं दी जाएगी

प्रतिबंध कैसे लागू होंगे?

  • अमेरिका ने इन देशों की सरकारों और अमेरिकी दूतावासों को पहले ही सूचित कर दिया है।

  • एयरलाइनों को स्पष्ट आदेश है कि वे इन देशों के नागरिकों को अमेरिका जाने वाली उड़ानों में बोर्डिंग की अनुमति न दें

  • अगर कोई व्यक्ति किसी अन्य रास्ते से अमेरिका पहुंच भी जाए, तो एयरपोर्ट या बॉर्डर चेकपॉइंट पर तत्काल हिरासत में लिया जाएगा।

  • अमेरिकी इमिग्रेशन अधिकारियों को विशेष दिशा-निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे मामलों में कड़ाई से कार्रवाई की जाए।

ऐसे प्रतिबंध पहले भी लगे हैं

यह पहली बार नहीं है कि ट्रंप प्रशासन ने इमिग्रेशन बैन का रास्ता अपनाया हो।
2017 में अपने पहले कार्यकाल में उन्होंने 7 मुस्लिम बहुल देशों – ईरान, यमन, सीरिया, सोमालिया, इराक, सूडान और लीबिया – पर भी इसी तरह का यात्रा प्रतिबंध लगाया था।

हालांकि उस समय अंतरराष्ट्रीय आलोचना और कानूनी चुनौतियों के बाद कई देशों को बाद में प्रतिबंध सूची से हटा दिया गया था।

क्या है इस कदम के पीछे का मकसद?

  • ट्रंप प्रशासन ने इस फैसले को अमेरिका की आंतरिक सुरक्षा के हित में जरूरी बताया है।

  • इन देशों से आने वाले कुछ नागरिकों की संभावित आतंकवादी गतिविधियों, अवैध प्रवास और फर्जी डॉक्यूमेंट्स पर चिंता जताई गई है।

  • यह कदम अमेरिकी इलेक्शन से पहले राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रमुख एजेंडा बनाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

असर क्या होगा?

  • हजारों छात्रों, कामगारों और टूरिस्ट्स को अचानक यात्रा योजनाएं रद्द करनी पड़ेंगी।

  • अमेरिकी यूनिवर्सिटीज और कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय टैलेंट की आपूर्ति में मुश्किल आएगी।

  • इन देशों में रह रहे ड्यूल सिटिज़न और अमेरिकी ग्रीन कार्ड धारकों के लिए भी स्थिति भ्रमित हो सकती है।