हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र का छठा दिन शुक्रवार हंगामे की भेंट चढ़ गया। सदन की कार्य़वाही सुबह 10 बजे शुरु हुई। सदन में उस समय हंगामें की स्थिति पैदा हो गई जब शून्यकाल के दौरान कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा ने ‘धान घोटाले’ को लेकर सरकार को घेरा। कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा शुरु होते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जबरदस्त नारेबाजी और तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
विधायक अशोक अरोड़ा ने धान के घोटाले का आरोप लगाया
कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा ने आरोप लगाया कि प्रदेश में धान का बहुत बड़ा घोटाला हुआ है, जिसे बिना राजनीतिक संरक्षण के अंजाम नहीं दिया जा सकता। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश और बिहार से धान लाकर हरियाणा के फर्जी गेट पास बनाए गए। अवैध बॉर्डर क्रॉसिंग हो रही है। इनेलो विधायक आदित्य देवीलाल ने कहा कि हर साल करीब 19 हजार करोड़ का घोटाला हो रहा है। इस पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पलटवार करते हुए कहा कि बड़े घोटाले कांग्रेस के समय में होते थे, तो इस पर सदन में हंगामा शुरु हो गया अरोड़ा भड़क गए। उन्होंने मुख्यमंत्री को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि अगर कांग्रेस के समय भी घोटाले हुए हैं, तो आज ही इस मामले और पुराने सभी मामलों की जांच CBI को सौंप दें, ताकि सारा ‘क्लेश’ हमेशा के लिए खत्म हो जाए।
वही मुख्यमंत्री नायब सैनी ने अपनी सरकार का बचाव किया। उन्होंने बताया कि उनकी पारदर्शी व्यवस्था और ‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’ पोर्टल के कारण ही फर्जीवाड़ा पकड़ा गया है। मुख्यमंत्री ने सदन को सूचित किया कि अब तक 12 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और अनियमितता बरतने वाले 75 अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ जांच शुरू की गई है
मुख्यमंत्री ने अंत में स्पष्ट किया कि उनकी सरकार ‘जीरो टॉलरेंस’ पर काम कर रही है और भ्रष्टाचार करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा सैनी ने कहा कि हम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गति से काम कर रहे हैं। हम काम करने वाले हैं, और हमने काम किया भी है। इसीलिए प्रदेश की जनता ने 2014 के बाद नॉनस्टॉप तीसरी बार डबल इंजन में विश्वास व्यक्त किया है
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