पूर्व फौजियों ने प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री को किया TWEET!

former soldiers Seminars
former soldiers Seminars – भारतीय सेना की रैंक, टाइटल, और प्रोटोकॉल पर मंडरा रहे संकट को लेकर चंडीगढ़ प्रेस क्लब में उत्तरी भारत के 60 पूर्व फौजियों ने एक सेमिनार आयोजित किया।
इस बैठक में वन रैंक वन पेंशन (OROP), अग्निवीर योजना, और शॉर्ट सर्विस कमीशन (SSC) जैसी नीतियों के चलते फौज की गरिमा और युवाओं की फौज में घटती रुचि पर चिंता जताई गई।

former soldiers Seminars – सेमिनार का उद्देश्य और मांगें

पूर्व फौजियों ने सेमिनार के माध्यम से सेना के सम्मान और अधिकारों को लेकर कई मांगें उठाईं। सेमिनार के निष्कर्ष स्वरूप इन मुद्दों को प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री के समक्ष लाइव ट्वीट के जरिए रखा गया। मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
1.मिलिट्री रैंक्स की डिग्रेडेशन रोकना।
2.यूनिवर्सल ओआरपी (वन रैंक वन पेंशन) को लागू करना।
3.थ्री-टियर सिस्टम को प्रभावी बनाना।
4.शॉर्ट सर्विस कमीशन की अवधि तय करना।
5.आर्म्ड फोर्सेज के लिए अलग से वेतन आयोग की स्थापना।
6.एक्स सर्विसमैन वेलफेयर एक्ट लागू करना।
7.अग्निवीर योजना और शॉर्ट सर्विस कमीशन की खामियों को दूर करना।

former soldiers Seminars – राजनीति और सेना के बीच गिरता सम्मान

सेमिनार में वक्ताओं ने चिंता जताई कि भारतीय राजनीति के गिरते स्तर का असर सेना की गरिमा और विश्वसनीयता पर पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि राजनेताओं द्वारा सेना के मुद्दों को अनदेखा करना और सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए फौजियों को साधन के रूप में इस्तेमाल करना चिंताजनक है।
लेफ्टिनेंट कर्नल जीपीएस विर्क ने कहा, “सेना देश की रक्षा का मुख्य स्तंभ है,
लेकिन हालिया नीतियों और योजनाओं ने सेना के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बढ़ा दी है।
अग्निवीर योजना जैसी योजनाएं केवल अल्पकालिक समाधान हैं और सेना की मूलभूत संरचना को नुकसान पहुंचा रही हैं।”
कैप्टन रमेश भारद्वाज ने कहा, “वन रैंक वन पेंशन जैसी नीतियों में सरकार ने जो वादे किए थे, वे अधूरे हैं।
इससे न केवल सेवानिवृत्त सैनिकों में असंतोष बढ़ा है, बल्कि युवाओं का फौज में शामिल होने का मनोबल भी गिरा है।”

सेमिनार में शामिल प्रमुख वक्ता

सेमिनार में भाग लेने वाले प्रमुख वक्ताओं में कर्नल टीबीएस बेदी, फ्लाइट लेफ्टिनेंट रेनू लांबा, लेफ्टिनेंट कर्नल जीपीएस विर्क, कर्नल सचदेवा और कैप्टन आर. भारद्वाज शामिल रहे।
इन सभी ने एकमत से सेना की गरिमा की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की।

फौजियों का फॉर्मूला

सेमिनार में एक फॉर्मूला प्रस्तुत किया गया, जिसमें निम्नलिखित बातों पर जोर दिया गया:
•सेना के रैंक और टाइटल की रक्षा।
•फौजियों के वेतन और पेंशन में न्यायसंगत सुधार।
•अग्निवीर योजना की समीक्षा।
•एक्स सर्विसमैन के कल्याण के लिए ठोस कानून।

सरकार को चेतावनी और अपील

पूर्व फौजियों ने प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री को चेताया कि यदि समय रहते इन मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया,
तो यह देश की सुरक्षा और युवाओं की सेना में भागीदारी पर गहरा असर डालेगा।
उन्होंने आग्रह किया कि भारतीय सेना की गरिमा को बचाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।