Trump का नया टैरिफ बम! 1 अगस्त से कनाडा पर 35% टैक्स लागू!

चंडीगढ़, 11 जुलाई: अमेरिका और कनाडा के व्यापारिक रिश्तों में एक बार फिर भूचाल आ गया है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि 1 अगस्त 2025 से कनाडा से होने वाले सभी आयातों पर अमेरिका 35% टैरिफ यानी आयात शुल्क लगाएगा। यह फैसला ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध पहले ही तनावपूर्ण स्थिति में हैं।

क्या कहा ट्रंप ने?

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी को संबोधित एक पत्र साझा किया। इस पत्र में ट्रंप ने कनाडा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि,

“जब अमेरिका सहयोग की पेशकश कर रहा था, तब कनाडा ने उल्टा जवाबी टैक्स लगाकर हमला किया। अब हम चुप नहीं बैठेंगे।”

ट्रंप ने सीधे शब्दों में कहा कि अब अमेरिका को जवाब देना ही होगा और वह जवाब होगा हर कनाडाई उत्पाद पर 35% आयात टैक्स

फेंटानिल का ज़िक्र: सिर्फ व्यापार नहीं, सुरक्षा भी!

इस पत्र में ट्रंप ने सिर्फ व्यापार नहीं, बल्कि अमेरिका की आंतरिक सुरक्षा से जुड़े एक गंभीर मुद्दे को भी उठाया—फेंटानिल तस्करी। ट्रंप ने आरोप लगाया कि कनाडा के ज़रिए यह खतरनाक मादक पदार्थ अमेरिका में प्रवेश कर रहा है, और अगर कनाडा इस पर सख्त कार्रवाई करता है और अमेरिका के साथ मिलकर काम करता है, तो वह इस टैरिफ निर्णय पर “पुनर्विचार” कर सकते हैं।

“अगर कनाडा फेंटानिल को रोकने के लिए हमारे साथ सहयोग करता है, तो हम इस पत्र में बदलाव करने पर विचार कर सकते हैं।”

क्या यह टैरिफ हर उत्पाद पर लागू होगा?

जी हां। ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि यह टैरिफ किसी एक खास सेक्टर या उद्योग पर नहीं बल्कि कनाडा से होने वाले सभी आयातों पर समान रूप से लागू होगा। यह एक सर्वव्यापी टैक्स होगा, जिसका असर छोटे उपभोक्ता सामान से लेकर भारी औद्योगिक आयात तक सब पर दिखेगा।

इतना ही नहीं, ट्रंप ने कनाडा को चेतावनी देते हुए यह भी कहा कि अगर ओटावा इस टैक्स के जवाब में अपने शुल्क बढ़ाता है, तो अमेरिका भी अपने टैरिफ को और ऊंचा करेगा।

“अगर आपने टैरिफ बढ़ाया, तो हम आपके टैरिफ की जितनी प्रतिशत वृद्धि होगी, उतना ही अपने टैक्स में और जोड़ देंगे।”

इस फैसले के संभावित असर क्या हो सकते हैं?

1. अमेरिका-कनाडा व्यापार में तनाव और बढ़ेगा:

कनाडा अमेरिका का एक प्रमुख व्यापारिक साझेदार है। दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाएं लंबे समय से एक-दूसरे पर निर्भर रही हैं। ऐसे में यह कदम आर्थिक और कूटनीतिक रूप से बड़ा असर छोड़ सकता है।

2. उपभोक्ताओं पर भार बढ़ेगा:

कनाडा से आने वाले रोजमर्रा के उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी तय मानी जा रही है। इसका सीधा असर अमेरिकी बाजार और वहां के उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।

3. फेंटानिल के बहाने दबाव की राजनीति:

फेंटानिल जैसे नशीले पदार्थ को लेकर ट्रंप का रुख सख्त रहा है। अब इस मुद्दे को टैरिफ से जोड़ना यह दर्शाता है कि वे इसे सिर्फ आर्थिक नहीं, बल्कि सुरक्षा और स्वास्थ्य नीति से भी जोड़कर देख रहे हैं।

4. चुनावी राजनीति का एंगल:

यह कदम ट्रंप के “अमेरिका फर्स्ट” एजेंडे की वापसी का संकेत है। आगामी राष्ट्रपति चुनावों को ध्यान में रखते हुए वे राष्ट्रवाद और आक्रामक व्यापार नीतियों को फिर से उभारने की कोशिश में हैं।

अब कनाडा क्या करेगा?

अभी तक कनाडा की ओर से इस ताजा निर्णय पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन कूटनीतिक हलकों में हलचल तेज है। सवाल यह है कि क्या कनाडा इस चुनौती का जवाब कूटनीतिक संवाद से देगा या जवाबी टैरिफ लगाकर?

इस घटनाक्रम के बाद अगले कुछ हफ्ते अमेरिका-कनाडा संबंधों के लिए निर्णायक हो सकते हैं।