भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 20 अगस्त को 81वीं जयंती है। भारत में प्रत्येक वर्ष 20 अगस्त को सद्भावना दिवस के रूप में मनाया जाता है। आज के दिन ही देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की जयंती मनाई जाती है। इस मौके पर संसद में श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया इसके साथ ही राजीव गांधी जयंती पर पीएम मोदी और कांग्रेस नेताओं ने श्रद्धांजलि दी, इसमें लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत कई सांसद शामिल हुए। इसके अलावा कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी और उनके पति रॉबर्ट वाड्रा और बेटे रेहान वाड्रा के साथ पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे दिल्ली के वीर भूमि पहुंचकर उनहें और श्रद्धांजलि अपर्ति की ।राहुल गांधी ने ‘X’ पर पापा राजीव गांधी की फोटो शेयर कर लिखा- एक ऐसा भारत जहां हर नागरिक को सम्मान मिले, जहां सद्भावना हो, लोकतंत्र और संविधान से देश मजबूती से खड़ा हो। पापा, आपके देखे इस सपने को पूरा करना ही मेरा जीवन लक्ष्य है।
प्रियंका ने X पर लिखा- विरासत में आप से करुणा, प्रेम और देशभक्ति का धर्म मिला। हम दोनों हमेशा के लिए ये धर्म निभायेंगे। न कोई तोड़ पाएगा, न कोई रोक पाएगा, न कभी हमारे कदम लड़खड़ायेंगे।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने ‘X’ पर लिखा– राजीव गांधी जी ने साहस के साथ परंपरागत रास्तों से हटकर नई सोच और इनोवेटिव योजनाओं को अपनाया, ताकि भारत 21वीं सदी के लिए तैयार हो सके।
इस मौके पर पीएम नरेन्द्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X पर पोस्ट कर श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने लिखा कि आज पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी जी की जयंती पर उन्हें मेरी श्रद्धांजलि.
आपको बतादें 1980 के दशक में जब राजीव गांधी प्रधानमंत्री बने, उस समय भारत में टेलीफोन एक सपना हुआ करता था. राजीव गांधी ने ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों तक टेलीफोन कनेक्टिविटी पहुंचाने की योजना बनाई. सी-डॉट (C-DOT) जैसे संस्थानों को प्रोत्साहन दिया, जिसने डिजिटल एक्सचेंज, इलेक्ट्रॉनिक स्विच और लंबी दूरी के नेटवर्क तैयार किए. आज भारत में मोबाइल और इंटरनेट क्रांति का स्वरूप राजीव गांधी के शुरुआती निवेश और दृष्टिकोण का ही परिणाम है. पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का जन्म 20 अगस्त, 1944 को मुंबई में हुआ था1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद राजीव गांधी प्रधानमंत्री बने। राजीव गांधी जब प्रधानमंत्री बने, तब उनकी उम्र महज 40 साल थी। वे देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री रहे। उन्होंने अपने कार्यकाल में स्कूलों में कंप्यूटर लगाने की व्यापक योजना बनाई।
सोची समझी प्लान के तहत 21 मई 1991 में एक आत्मघाती बम धमाके में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या कर दी गई थी। उन्होंने अपने कार्यकाल में श्रीलंका में शांति सेना भेजी थी, जिससे तमिल विद्रोही संगठन लिट्टे (लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम) उनसे नाराज चल रहा था। 1991 में जब लोकसभा चुनावों के लिए प्रचार करने राजीव गांधी चेन्नई के पास श्रीपेरम्बदूर गए तो वहां लिट्टे ने राजीव पर आत्मघाती हमला करवाया। राजीव को फूलों का हार पहनाने के बहाने लिट्टे की महिला आतंकी धनु आगे बढी और उसने राजीव के पैर छुए और झुकते हुए कमर पर बंधे विस्फोटकों में ब्लास्ट कर दिया। धमाका इतना बड़ा था कि कई लोगों के चीथड़े उड़ गए। राजीव और हमलावर धनु समेत 16 लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई जबकि 45 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। रिपोर्ट न्यूज पीडीया 24
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