आज है सकट चौथ, संतान सुख और समृद्धि के लिए रखा जाता है व्रत

सकट चौथ का व्रत 6 जनवरी 2026 यानी आज रखा जा रहा है. माघ मास की चतुर्थी तिथि को संकष्ठी चतुर्थी कहा जाता है. इस तिथि को तिल चतुर्थी या माघी चतुर्थी भी कहा जाता है.

इस दिन भगवान गणेश, सकट माता और चंद्रदेव की उपासना का विधान बताया गया है.

कहते हैं कि जो भी इस दिन गणेश जी की पूजा-उपासना करता है, उसके जीवन के सभी संकट टल जाते हैं और भगवान गणेश का आर्शिवाद मिलता है।

सकट चौथ का व्रत संतान की सुख, समृद्धि और लंबी आयु के लिए माताएं रखती हैं, जिसमें चंद्र देवता और भगवान गणेश की पूजा होती है।

इस दिन चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही व्रत का पारण किया जाता है।

सकट चौथ के व्रत में क्या खाना चाहिए 

सकट चौथ का व्रत ज्यादातर महिलाएं निर्जला या फलाहार रखती हैं, लेकिन अपनी सेहत के अनुसार, फलाहार करना भी पूरी तरह मान्य है. इस दिन तिल का खास महत्व होता है,

इसलिए खाने में तिल से बनी चीजों को शामिल किया जाता है. फल, मूंगफली, तिल के लड्डू, गुड़, शकरकंद या सिंघाड़े का इस्तेमाल किया जा सकता है.

ध्यान रखें कि व्रत में नमक, चावल और गेहूं से बनी चीजें नहीं खाई जातीं. रात में चंद्रमा के दर्शन के बाद ही प्रसाद लेकर व्रत खोला जाता है

सकट चौथ पर ऐसे दें चंद्रमा को अर्घ्य

1) सकट चौथ का चंद्रमा निकलने के बाद एक लौटे में जल लें, इसके बाद जल में थोड़ा कच्चा दूध मिलाएं और थोड़ी चीनी भी मिलाएं।
2) अब जल का लौटा हाथ में लेकर भगवान गणेश का स्मरण करें फिर चंद्रमा देवता का ध्यान करते हुए उन्हें जल अर्पित करें।
3) इसके बाद अपनी संतान की मंगल कामना करते हुए सुख समृद्धि की कामना करें।

सकट चौथ पर चंद्रोदय का समय

सकट चौथ पर आज चंद्रोदय का समय रात 8 बजकर 54 मिनट रहेगा. इसी दौरान चंद्रदेवता तो अर्घ्य देकर व्रत का पारण करना है.