चंद्र ग्रहण आज दोपहर 03:20 बजे आरंभ हो चुका है और शाम 06:46 बजे समाप्त होगा. इस चंद्र ग्रहण की कुल अवधि करीब 3 घंटे 27 मिनट की रहेगी. भारत में चंद्रोदय का समय शाम को करीब 06 बजकर 26 मिनट पर बताया गया है. चंद्रोदय होते ही भारत के कई हिस्सों चंद्र ग्रहण नजर आने लगेगा. चंद्र ग्रहण का सूतक आज सवेरे 6 बजकर 20 मिनट पर लग चुका है और ये ग्रहण के साथ ही समाप्त होगा.
पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा जब एकसीध में आ जाते हैं और चंद्रमा पर पृथ्वी की काली छाया पड़ने लगती है तो इस घटना को चंद्र ग्रहण कहा जाता है। इस स्थिति में चंद्रमा का रंग तांबे या लाल रंग का दिखाई देता है, जिसे ‘ब्लड मून’ भी कहा जाता है.
चंद्र ग्रहण के समय मंत्र जाप और भगवान का स्मरण करना शुभ माना जाता है, जबकि खाना बनाना, भोजन करना और शुभ कार्य शुरू करना वर्जित बताया गया है. ग्रहण से पहले सूतक काल भी लगता है, जिसे अशुभ समय माना जाता है. सूतक काल में विशेष सावधानी बरतने के साथ ही भगवान का नाम लेने की सलाह दी जाती है ।
‘बैड नहीं गुड भी है चंद्र ग्रहण’
ज्योतिषविद आचार्य राज मिश्रा ने शास्त्रों का हवाला देते हुए कहा कि यदि ग्रहण में स्नान-दान, जप-तप किया जाए तो इसका प्रतिफल लाखों गुना अधिक हो सकता है. यानी इस अवधि में किसी मंत्र का जाप या स्नान-दान किया जाए तो व्यक्ति को बेशुमार लाभ मिल सकता है.
चंद्रग्रहण के दौरान हनुमान चालीसा का पाठ करना बेहद ही लाभकारी और प्रभावशाली माना जाता है. चंद्रग्रहण के दौरान आप सुंदरकांड का पाठ भी कर सकते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ऐसा करने से मानसिक शांति प्राप्त होती है और नकारात्मकता दूर होती है.
ग्रहण के दौरान खाने पीने की चीजों में तुलसी के पत्ते डाल देने चाहिए।
होलिका दहन को लेकर बड़ा असमंजस है जिसके कारण कल 2 मार्च को देश भर के कई हिस्सों में होलिका दहन हुआ लेकिन आज भी कई हिस्सों में होलिका दहन किया जाएगा। आज चंद्र ग्रहण फाल्गुन पूर्णिमा पर लग रहा है। शास्त्रों के अनुसार, इसी दिन होलिका दहन भी किया जाता है। यदि आप 3 मार्च को होलिका दहन करना चाह रहे हैं, तो फिर 6 बजकर 47 मिनट पर ग्रहण समाप्त होने के बाद कर सकते हैं क्योंकि ग्रहण समाप्ति के बाद न तो ग्रहण या सूतक काल का प्रभाव रहेगा और न ही भद्रा का साया। जिससे होली पर किसी भी प्रकार का कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ने वाला है।
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