राज्य चिह्न के दुरुपयोग पर सरकार सख्त, डॉ. सुमिता मिश्रा ने दी चेतावनी!

चंडीगढ़, 16 जुलाई: हरियाणा सरकार ने भारत के राज्य-चिह्न (State Emblem of India) के अनधिकृत उपयोग पर सख्ती दिखाते हुए चेतावनी दी है कि इसकी गरिमा को ठेस पहुँचाने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने यह स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि राज्य-चिह्न केवल सरकारी उपयोग के लिए अधिकृत है और इसे किसी भी प्रकार से निजी उद्देश्यों के लिए उपयोग करना कानून का उल्लंघन है।

 राज्य-चिह्न क्या है और इसके नियम क्या हैं?

डॉ. मिश्रा ने बताया कि भारत का राज्य चिह्न सारनाथ स्थित अशोक स्तंभ के चार शेरों वाले प्रतिमा का आधिकारिक रूप है, जिसे भारतीय गणराज्य की संप्रभुता और गरिमा का प्रतीक माना जाता है। इसका प्रयोग “भारत का राज्य प्रतीक (अनुचित प्रयोग की निषेध) अधिनियम, 2005” और “राज्य प्रतीक (प्रयोग विनियमन) नियम, 2007” के अंतर्गत नियंत्रित होता है। वर्ष 2010 में इसमें संशोधन भी किया गया था।

इन नियमों के अनुसार:

  • केवल संवैधानिक पदाधिकारी, सरकारी संस्थान या केंद्र/राज्य सरकार द्वारा अधिकृत संस्थान ही इसे उपयोग में ला सकते हैं।

  • निजी वाहनों, व्यक्तिगत लेटरहेड, साइनबोर्ड, प्रेस कार्ड या किसी भी निजी माध्यम से इस प्रतीक का उपयोग करना पूरी तरह अवैध है।

  • ऐसा करने पर जुर्माना, अभियोजन और अन्य कानूनी कार्यवाही हो सकती है।

 सरकार की सख्त रणनीति: जन-जागरूकता से लेकर कार्रवाई तक

डॉ. मिश्रा ने बताया कि भारत सरकार के गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार, हरियाणा सरकार ने प्रतीक चिह्न, राष्ट्रीय ध्वज और अन्य संवैधानिक प्रतीकों के दुरुपयोग को रोकने के लिए व्यापक रणनीति तैयार की है। इसके अंतर्गत:

  • शैक्षणिक संस्थानों में जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे, विशेषकर स्कूलों, कॉलेजों और लॉ कॉलेजों में।

  • यातायात पुलिस को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे वाहनों पर राज्य-चिह्न के अनाधिकृत प्रयोग की पहचान कर सकें और त्वरित कार्रवाई करें।

  • प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया के माध्यम से आमजन को कानून की जानकारी दी जाएगी।

  • एक शिकायत निवारण प्लेटफ़ॉर्म और हेल्पलाइन सेवा शुरू करने पर भी काम चल रहा है ताकि आम लोग सीधे तौर पर ऐसे दुरुपयोग की शिकायत दर्ज करा सकें।

  • सरकार द्वारा अधिक जुर्माना, त्वरित अभियोजन, और नियमित निरीक्षण अभियान जैसे सख्त कदमों पर भी विचार किया जा रहा है।

 डॉ. सुमिता मिश्रा का संदेश

डॉ. मिश्रा ने कहा,

“राज्य-चिह्न सिर्फ एक चिह्न नहीं, बल्कि राष्ट्र की संवैधानिक गरिमा और संप्रभुता का प्रतीक है। इसका अनधिकृत उपयोग न केवल अवैध है, बल्कि उन मूल्यों का भी अपमान है जिनके लिए यह खड़ा है। नागरिकों से अपेक्षा है कि वे कानून का पालन करें और संवैधानिक प्रतीकों की पवित्रता को बनाए रखने में सहयोग दें।”