पंचकूला, 18 दिसंबर : राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने कहा कि आयोग स्वच्छता कर्मियों और कचरा बीनने वाले श्रमिकों के अधिकारों और सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्व है । उन्होंने कहा कि श्रमिकों की गरिमा से समझौता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर आयोग द्वारा सख्त कार्यवाही भी की जाएगी। श्री प्रियंक कानूनगो आज पीडब्लयूडी रेस्ट हाउस, सैक्टर-1 में वामको द्वारा कचरा बीनने वाले स्वच्छता कर्मियों के लिए एक दिवसीय राज्यस्तरीय प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
इस कार्यक्रम का आयोजन वेस्ट मैनेजर्स मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड (वामको) द्वारा जिला प्रशासन पंचकूला एवं नगर निगम पंचकूला के सहयोग से किया गया। इस अवसर पर श्री प्रियंक कानूनगो ने कचरा बीनने वाले श्रमिकों (रैग पिकर्स) के लिए विशेष जागरूकता सामग्री और एक समर्पित राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर जारी किया। इस पहल का उद्देश्य कचरा बीनने वाले श्रमिकों को उनके अधिकारों, सुरक्षा, पहचान और सहायता तंत्र के बारे में जानकारी उपलब्ध कराना है। इसके अलावा उन्होने कचरा बीनने के कार्य में प्रयुक्त गाड़ियों एवं रेहड़ियों पर लगाए जाने वाले विशेष स्टीकर भी जारी किए। उन्होंने मौके पर ही पाँच रेहड़ियों पर स्वयं स्टीकर लगाकर इस अभियान की औपचारिक शुरुआत की।
इन स्टीकरों के माध्यम से श्रमिकों की पहचान, सुरक्षा और सम्मान को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम स्थल पर पहुँचने से पूर्व प्रियंक कानूनगो ने पंचकूला के डम्पिंग ग्राउंड का निरीक्षण भी किया और नगर निगम के अधिकारियों से डम्पिंग ग्राउंड और स्वच्छता कर्मियों के बारे में आवश्यक जानकारी ली। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रियंक कानूनगो ने कहा कि कचरा बीनने वाले और स्वच्छता कर्मी समाज की स्वच्छता व्यवस्था की रीढ़ हैं। उनके मानव अधिकारों, सुरक्षित कार्य परिस्थितियों और सम्मानजनक जीवन को सुनिश्चित करना राज्य और समाज दोनों की सामूहिक जिम्मेदारी है।
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