दिल्ली-NCR वायु प्रदूषण पर लोकसभा में चर्चा, विपक्ष उठायेगा सवाल

दिल्ली-एनसीआर और देश के बड़े शहरों में वायु प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है. विपक्ष नेता लगातार संसद के शीतकालीन सत्र में इस विषय पर चर्चा की मांग कर रहे थे. अब सरकार ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए सदन में इस पर विशेष चर्चा के लिए सहमति दे दी है. इसको लेकर लोकसभा में आज गुरुवार को वायु प्रदूषण से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और उनके समाधान पर व्यापक चर्चा होगी. प्रियंका गांधी आज चर्चा की शुरुआत करेंगी। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र आज विपक्ष के सवालों का जवाब देंगे।

संसद के शीतकालीन सत्र का आज 14वां दिन है और आज लोकसभा में दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण पर चर्चा होगी. नियम 193 के तहत यह चर्चा होगी, जिसकी शुरुआत कांग्रेस सांदस प्रियंका गांधी वाड्रा करेगी. वहीं DMK सांसद कनिमोझी और BJP सांसद बंसुरी स्वराज भी इस चर्चा का हिस्सा बनेंगी. शाम 5 बजे केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव सरकार की ओर से विपक्ष के सवालों का जवाब देंगे.

वही कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी बोले- दिल्ली में सांस लेना मुश्किल, केंद्र ने क्या किया है।

बता दें कि दिल्ली में वायु की गुणवत्ता बेहद खराब है और वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) भी ‘बेहद गंभीर’ स्तर का बना हुआ है. CAQM के आदेश पर सरकार दिल्ली में ग्रैप-4 लागू कर चुकी है और लोगों को इसका सख्ती से पालन करने का निर्देश दे चुकी है. विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने लोकसभा में प्रदूषण पर चर्चा की मांग की थी. सता पक्ष ने भी राहुल की मांग को स्वीकार करते हुए बिना टकराव के प्रदूषण पर चर्चा करने की सहमति दी थी.

भूपेंद्र यादव ने प्रदूषण की गंभीरता को स्वीकार किया

संसद में बहस के दौरान भूपेंद्र यादव ने प्रदूषण की गंभीरता को स्वीकार किया और माना कि वायु प्रदूषण एक बड़ी समस्या है। उन्होंने जन जागरूकता और नियमों को लागू करने के महत्व पर जोर दिया और कहा कि नागरिकों को एयर क्वालिटी इंडेक्स रीडिंग और स्वास्थ्य पर उनके असर के बारे में पता होना चाहिए।

पर्यावरण मंत्री ने कहा कि सरकार जागरूकता लाने और नियमों को लागू करने पर काम कर रही है। राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) के तहत देशभर के 130 शहरों में हवा की गुणवत्ता में सुधार के लिए पहल चल रही हैं। भूपेंद्र यादव ने कहा कि हानिकारक औद्योगिक उत्सर्जन को रोकने और नियमों को लागू करने में कमियों को दूर करने के लिए दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।