सोलन की रात में तेंदुए की दहशत: घर में घुसकर किया पालतू कुत्ते का शिकार, CCTV में कैद हुई पूरी घटना!

चंडीगढ़, 19 जून: हिमाचल प्रदेश के शांत और हरे-भरे इलाके इन दिनों वन्यजीवों की बढ़ती सक्रियता से परेशान हैं। सोलन जिले के अर्की उपमंडल स्थित मलावन गांव में एक चौंकाने वाली और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक तेंदुआ गहराती रात के सन्नाटे में चुपचाप एक घर में दाखिल हुआ और पालतू कुत्ते को शिकार बना कर फरार हो गया। यह पूरी वारदात वहां लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।

1 बजकर 21 मिनट: एक खामोश शिकारी की दस्तक

घटना रात करीब 1:21 बजे की है, जब गांव के एक दोमंजिला मकान की बालकनी के रास्ते तेंदुआ घर में दाखिल हुआ। कैमरे की फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि तेंदुआ कितनी सावधानी से अपने कदम रख रहा था—एकदम सधा हुआ शिकारी, जो हर हरकत में पेशेवर लग रहा था।

जैसे ही तेंदुए ने बालकनी में पड़े कुत्ते को देखा, सिर्फ 10 सेकंड में उसने हमला किया और कुत्ते को जबड़े में दबाकर उसी तेजी से भाग गया। इस घटना में कोई आवाज तक नहीं हुई, केवल एक महिला की भावुक आवाज़ सुनाई देती है, जो बाद में फुटेज में कहती है, “ओह, ये तो हमारा कुत्ता था…

गांव में दहशत का माहौल, लोग सहमे

यह पहला मौका नहीं है जब हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में इस तरह की घटनाएं हुई हों, लेकिन किसी के घर में इस तरह से जानवर का घुसना और पालतू को शिकार बनाना, लोगों को झकझोर देने वाला है।

  • स्थानीय निवासी अब रात के समय घर से बाहर निकलने से डर रहे हैं।

  • बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर परिजनों में गहरी चिंता है।

वन्यजीव बनाम मानव: कब रुकेगा ये संघर्ष?

यह घटना हिमाचल में तेजी से बढ़ रहे मानव और वन्यजीव संघर्ष की तरफ इशारा करती है। विशेषज्ञों के अनुसार, जंगलों में भोजन और पानी की कमी के कारण तेंदुए जैसे शिकारी जानवर मानव बस्तियों का रुख करने लगे हैं।

  • मलावन गांव जैसी जगहों पर पशुपालन और खेती ही जीवन का आधार है।

  • ऐसे में इस तरह के हमले न सिर्फ आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि मानसिक तौर पर भी लोगों को झकझोर देते हैं।

वन विभाग से अपील: निगरानी और सुरक्षा बढ़ाई जाए

गांव के लोगों ने वन विभाग और जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि:

  • ऐसे इलाकों में रात की गश्त और निगरानी बढ़ाई जाए।

  • CCTV कैमरे लगाए जाएं और मोबाइल टीम बनाई जाए जो तुरंत प्रतिक्रिया दे सके।

  • जाल या पिंजरा लगाकर तेंदुए को सुरक्षित पकड़ने की व्यवस्था की जाए।

  • जानवरों के घुसने से पहले अलार्म सिस्टम या लाइट सेंसर लगाए जाएं।