चंडीगढ़, 10 जुलाई: 2025 की पहली छमाही में भारतीय शेयर बाजार ने जहां सकारात्मक रिटर्न दिए, वहीं एक चिंताजनक ट्रेंड सामने आया — चार प्रमुख ऑनलाइन ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म्स ने कुल मिलाकर 20 लाख एक्टिव निवेशकों को खो दिया। यह गिरावट केवल आंकड़ों में नहीं, बल्कि छोटे निवेशकों के बदलते भरोसे और रुझानों का संकेत है।
20 लाख निवेशकों ने किया शेयर बाजार से किनारा
चार बड़े ऑनलाइन ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म्स – Groww, Zerodha, Angel One और Upstox – ने इस साल के शुरुआती छह महीनों में करीब 20 लाख एक्टिव यूजर्स गंवा दिए।
आंकड़े कुछ यूं हैं:
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Groww: 6 लाख यूजर्स कम हुए
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Zerodha: 5.5 लाख की गिरावट
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Angel One: करीब 4.5 लाख निवेशकों ने दूरी बनाई
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Upstox: लगभग 3 लाख निवेशकों ने अकाउंट बंद किया
जून 2025 अकेले ऐसा महीना रहा, जिसमें 6 लाख से अधिक एक्टिव इनवेस्टर्स इन प्लेटफॉर्म्स से बाहर हो गए।
SEBI के कड़े नियम: एफएंडओ ट्रेडिंग की लगाम ने मारी चोट
2024-25 में रिटेल इनवेस्टर्स की भारी एंट्री ने बाजार को नई ऊर्जा दी थी, लेकिन 2025 में कई नीतिगत बदलावों ने उस रफ्तार को अचानक ब्रेक लगा दिया।
प्रमुख कारण:
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F&O (Futures & Options) सेगमेंट में कड़ा नियंत्रण
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मार्जिन नियमों में सख्ती
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साप्ताहिक एक्सपायरी की अवधि घटाई गई
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बढ़ी टैक्स देनदारी और पूंजीगत सीमा (capital limits)
इन कारणों से छोटे निवेशक अब उच्च जोखिम वाले सेगमेंट से दूरी बना रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जब लाभ कम और जोखिम ज्यादा हो, तो खुदरा निवेशक पहले पीछे हटते हैं।
छोटे शहरों के युवा निवेशकों ने छोड़ा डिजिटल ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स का साथ
2023-24 में छोटे और मझोले शहरों से बड़ी संख्या में नए निवेशक डिस्काउंट ब्रोकिंग ऐप्स से जुड़े थे। परंतु जब 2025 की शुरुआत में बाजार में अस्थिरता आई, और निवेशकों को लाभ के बजाय नुकसान हुआ, तो उनमें से कई ने ट्रेडिंग को अलविदा कह दिया।
इसमें दो बातें प्रमुख रहीं:
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रिसर्च और मार्गदर्शन की कमी
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बिना अनुभव के ट्रेडिंग से हुए घाटे
निवेशकों की रुचि अब सुरक्षित और मैनेज्ड विकल्पों की ओर
अब निवेशक उन विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं जहां जोखिम अपेक्षाकृत कम और प्रबंधन प्रोफेशनल हो:
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म्यूचुअल फंड्स (Mutual Funds)
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पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेस (PMS)
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ऑल्टरनेटिव इनवेस्टमेंट फंड्स (AIFs)
Fisdom के निरव करकड़ा बताते हैं कि इन विकल्पों में पारदर्शिता, पेशेवर प्रबंधन और कम उतार-चढ़ाव होने से निवेशकों को मानसिक शांति मिलती है।
Groww का IPO: क्या निवेशकों की कमी डाल सकती है असर?
Bengaluru स्थित Groww ने हाल ही में SEBI के पास अपना IPO दाखिल किया है। इस समय कंपनी पर सबकी नजर है। हालांकि 20 लाख की गिरावट बड़ी लग सकती है, लेकिन Groww का कहना है कि यह केवल उनके कुल यूज़र बेस का लगभग 5% ही है।
फिर भी, बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यदि निवेशकों का भरोसा तेजी से लौटता नहीं है, तो यह IPO के रेस्पॉन्स पर असर डाल सकता है।
डीमैट अकाउंट्स में भी दिखा ठहराव
FY26 की पहली तिमाही में केवल 69.1 लाख नए डीमैट अकाउंट्स खोले गए, जो कि पिछली तिमाही (Q4 FY25) के 69.3 लाख से भी थोड़ा कम है। जून 2025 के अंत तक कुल डीमैट अकाउंट्स की संख्या 19.91 करोड़ पर ठहरी हुई है, जो तेज़ी से बढ़ने के पुराने ट्रेंड के मुकाबले एक स्पष्ट ब्रेक दिखाता है।
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