हफ्ते की शुरुआत झटकों से: लाल निशान में डूबे बाजार, निवेशकों में घबराहट का माहौल!

चंडीगढ़, 23 जून: शेयर बाजार में सोमवार की सुबह निवेशकों के लिए सिर्फ नई शुरुआत नहीं, बल्कि बड़ी चिंता भी लेकर आई। बीते शुक्रवार को दमदार तेजी के बाद इस हफ्ते की शुरुआत एक भारी गिरावट के साथ हुई, जिससे बाजार में डर और अनिश्चितता का माहौल बन गया है।

ओपनिंग में ही बाजार ने गिरी चाल

  • बीएसई सेंसेक्स 704.10 अंकों की गिरावट के साथ 81,704.07 पर खुला।

  • एनएसई निफ्टी 50 ने भी 172.65 अंक का नुकसान झेलते हुए 24,939.75 पर कारोबार शुरू किया।

यह गिरावट इसलिए भी चौंकाने वाली रही क्योंकि शुक्रवार को बाजार ने शानदार तेजी दिखाई थी — सेंसेक्स 1046 अंक और निफ्टी 319 अंक उछले थे।

कंपनियों की स्थिति: लाल निशान में डूबीं दिग्गज फर्में

सेंसेक्स की 30 में से 28 कंपनियों के शेयर गिरावट में खुले, केवल दो कंपनियों में मामूली बढ़त देखी गई। निफ्टी 50 में भी सिर्फ 6 कंपनियां ही हरे निशान में रहीं, जबकि 44 कंपनियों में तेज बिकवाली देखने को मिली।

आज की सबसे बड़ी गिरावट वाले शेयर:

  • इंफोसिस: -2.17%

  • एचसीएल टेक: -1.20%

  • हिंदुस्तान यूनिलीवर: -1.07%

  • टेक महिंद्रा: -0.98%

  • बजाज फाइनेंस: -0.93%

  • रिलायंस इंडस्ट्रीज: -0.84%

  • टीसीएस: -0.79%

  • आईसीआईसीआई बैंक: -0.74%

  • टाटा स्टील: -0.72%

  • एचडीएफसी बैंक: -0.63%

  • एसबीआई: -0.35%

  • एलएंडटी: -0.32%

आज की बढ़त वाले चुनिंदा शेयर:

  • बीईएल (BEL): +1.36%

  • भारती एयरटेल: +0.02% (मामूली तेजी)

गिरावट की प्रमुख वजहें:

  1. मिडिल-ईस्ट (पश्चिम एशिया) में भू-राजनीतिक तनाव

    • ईरान और अन्य देशों के बीच बढ़ते टकराव ने कच्चे तेल की कीमतों को प्रभावित किया है।

    • इससे वैश्विक निवेशक असहज हुए हैं और भारतीय बाजार में जोखिम बढ़ा है

  2. वैश्विक बाजारों से कमजोर संकेत

    • अमेरिका और यूरोप के स्टॉक मार्केट्स में भी कमजोरी दर्ज की गई।

    • फेडरल रिजर्व की भविष्य की मौद्रिक नीति को लेकर भी निवेशक सतर्क हैं।

  3. मुनाफावसूली (Profit Booking)

    • शुक्रवार को आई जोरदार तेजी के बाद आज कई निवेशकों ने मुनाफा निकालने के लिए शेयर बेचे, जिससे बाजार में प्रेशर बना

अब आगे क्या?

विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा समय में बाजार समझदारी और धैर्य की मांग कर रहा है। मिडिल-ईस्ट के हालात, डॉलर-रूपी ट्रेंड, और विदेशी निवेशकों की रणनीति पर बाजार की दिशा आने वाले दिनों में निर्भर करेगी

निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे जल्दबाज़ी में फैसले लेने की बजाय, सटीक जानकारी और विश्लेषण के आधार पर ही कोई कदम उठाएं।