शंकराचार्य VS योगी सरकार.. शंकराचार्य ने दिया 40 दिन का अल्टीमेटम

माघ मेले के दौरान मौनी अमावस्या के दिन गंगा स्नान को लेकर हुआ विवाद अब नया मोड़ लेता दिख रहा है। लगातार शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद औऱ CM योगी एक दूसरे पर तंज कसते नजर आ रहे है। अब शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 40 दिनों का अल्टीमेट दिया है। प्रयागराज में चल रहे माघ मेले के मौनी अमावस्या स्नान के दौरान धरने पर बैठने के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद वाराणसी अपने विद्या मठ आ चुके हैं. इस दौरान शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर सीधा हमला बोला है. उन्होंने गोह/त्या और मां/स निर्यात का मुद्दा उठाते हुए योगी सरकार को 40 दिनों का अल्टीमेटम दिया है और कहा है कि अब मुख्यमंत्री को अपने हिंदू होने का प्रमाण देना होगा. शंकराचार्य ने कहा, ‘जो सरकार गोवंश की रक्षा नहीं कर सकती, उसे हिंदू कहलाने का कोई अधिकार नहीं है। विशेष रूप से उस योगी को तो बिल्कुल नहीं, जो गुरु गोरक्षनाथ की पवित्र गद्दी का महंत होने का दावा करता है।’  शंकराचार्य के इस बयान ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में हड़कंप मचा दिया है.

 

मीडिया से बात करते हुए शंकराचार्य ने कहा कि प्रशासन ने हमसे हमारे पद और परंपरा का प्रमाण पत्र मांगा था जो हमने सहज भाव से सौंप दिया. क्योंकि सत्य को प्रमाण देने में कोई भय़ नही है। लेकिन अब समय मुख्यमंत्री से प्रमाण लेने का है.उन्होने कहा “क्या हिंदू होना केवल भगवा पहनने या भाषण देने तक सीमित है? हिंदू होने की असली कसौटी गौ-सेवा और धर्म-रक्षा है.”

शंकराचार्य ने दो स्पष्ट शर्तें रखीं: गोमाता को ‘राज्यमाता’ का आधिकारिक दर्जा दिया जाए, जैसा महाराष्ट्र सरकार ने हाल ही में देशी गायों के लिए किया है और नेपाल में गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा प्राप्त है। इसके अलावा गोवंश निर्यात पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का शासनादेश जारी किया जाए। उन्होंने दावा किया कि भैंस के मांस के नाम पर गोवंश का निर्यात किया जा रहा है. जो गुरु गोरक्षनाथ की गद्दी का महंत होकर गोवंश की रक्षा नहीं कर सकता उसे हिंदू कहलाने का नैतिक अधिकार नहीं है.’