बीजेपी के दिग्गज नेता और पूर्व प्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी का आज जन्मदिन है। आडवाणी के जन्मदिन पर देश भर के नेताओं ने उन्हें बधाई दी है। पीएम नरेंद्र मोदी ने भी लाल कृष्ण आडवाणी के जन्मदिन पर उन्हें बधाई दी है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म X के जरिए आडवाणी को जन्मदिन की बधाई दी है। पीएम मोदी ने X पर एक पोस्ट में आडवाणी को ‘‘एक महान दृष्टिकोण वाला राजनेता’’ बताया। उन्होंने आडवाणी को एक दूरदर्शी और महान राजनेता बताते हुए कहा कि उन्होंने भारत की प्रगति के लिए अपना जीवन समर्पित किया है। पीएम मोदी ने उनके लंबे और स्वस्थ जीवन की कामना की है।
PM मोदी ने दी शुभकामनाएं
PM मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘लालकृष्ण आडवाणी जी को उनके जन्मदिन पर हार्दिक शुभकामनाएं। महान दृष्टिकोण वाले और तीक्ष्ण बुद्धिमत्ता से संपन्न राजनेता आडवाणी जी का जीवन भारत की प्रगति को सुदृढ़ करने के लिए समर्पित रहा है।’’ प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा, ‘‘उन्होंने निस्वार्थ कर्तव्य और दृढ़ सिद्धांतों की भावना को सदैव अपनाया। उनके योगदान ने भारत के लोकतांत्रिक और सांस्कृतिक परिदृश्य पर अमिट छाप छोड़ी है। ईश्वर उन्हें उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु प्रदान करे।’’
वाजपेयी की सरकार में रहे उप प्रधानमंत्री
लाल कृष्ण आडवाणी ने साल 2002 से 2004 तक तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में उप प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया। 1980 में जनता पार्टी के विघटन के बाद आडवाणी ने अटल बिहारी वाजपेयी के साथ मिलकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की स्थापना की थी। दोनों ने मिलकर पार्टी की विचारधारा को आकार देने और पूरे भारत में इसके प्रभाव को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।
आडवाणी 14 वर्ष की उम्र में RSS में शामिल हुए
लालकृष्ण आडवाणी किशोर अवस्था में ही राष्ट्रसेवा से जुड़ गए थे। महज 14 साल की उम्र में वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ RSS में शामिल हुए ।
8 नवंबर 1927 को पाकिस्तान के कराची में जन्मे लालकृष्ण आडवाणी का बचपन देश के विभाजन की त्रासदी से जुड़ा है। विभाजन के समय आडवाणी ने भी दिल्ली का रुख किया। सेंट पैट्रिक स्कूल, कराची और बाद में बॉम्बे लॉ कॉलेज से उन्होंने शिक्षा प्राप्त की।
1990 में रथ यात्रा का किया नेतृत्व
लाल कृष्ण आडवाणी के राजनीतिक जीवन में मील का पत्थर राम जन्मभूमि आंदोलन का उनका नेतृत्व था। अयोध्या में विवा/दित बाबरी मस्जिद स्थल पर राम मंदिर के निर्माण की वकालत करते हुए उनकी 1990 की रथ यात्रा ने हिंदू राष्ट्रवादी भावनाओं को उभारा और उन्हें एक प्रमुख जन नेता के रूप में स्थापित किया
राम मंदिर के निर्माण के लिए लाल कृष्ण आडवाणी की सोमनाथ से अयोध्या की दस हजार किलो मीटर की रथ यात्रा ने देश की राजनीति पर दूरगामी असर डाला. भाजपा ने लंबी छलांग लगाई. कुशल संगठनकर्ता और विचारक आडवाणी को जननेता की छवि हासिल हुई थी।
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