मानसून की मार: बारिश ने बढ़ाए सब्जियों के भाव, रसोई का स्वाद अब जेब पर भारी!

चंडीगढ़, 14 जुलाई: मानसून का मौसम अपने साथ ठंडी हवाएं, मिट्टी की सौंधी खुशबू और हरियाली तो लाता है, लेकिन इसी मौसम की लगातार बारिश ने लोगों की जिंदगी को काफी मुश्किलों में डाल दिया है। सड़कें कीचड़ से भर गई हैं, यातायात अव्यवस्थित हो गया है और अब इसका असर लोगों की रसोई तक पहुंच गया है। सब्जियों के दाम आसमान छूने लगे हैं और आम आदमी की जेब पर इसका सीधा असर पड़ रहा है।

लगातार बारिश के चलते खेतों में पानी भरने से सब्जियों की खेती पर असर पड़ा है। बारिश के कारण न केवल फसलें खराब हो रही हैं, बल्कि मंडियों तक सब्जियों की आपूर्ति भी घट गई है। इसी वजह से अब आम सब्जियां भी महंगी हो गई हैं।

शिमला की सब्जी मंडी से मिली जानकारी के अनुसार, अब भिंडी 50 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है। वहीं बैंगन, काली तोरी, चुकंदर और लिंगड़ जैसे आमतौर पर सस्ती मिलने वाली सब्जियां अब 60 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रही हैं। पालक, मटर, शिमला मिर्च, बैंगणी और करेला जैसे रोजमर्रा के उपयोग की सब्जियां अब 80 रुपये प्रति किलो तक जा पहुंची हैं। वहीं फ्रेंच बीन्स और फूलगोभी की कीमत तो 100 रुपये प्रति किलो तक जा चुकी है।

इतना ही नहीं, जिस टमाटर को कभी 10-15 रुपये किलो में खरीदा जाता था, वह अब 40 रुपये किलो तक पहुंच गया है। प्याज 35 रुपये किलो और आलू 25 रुपये किलो में बिक रहा है। इसके अलावा अदरक 120 रुपये किलो, हरी मिर्च 160 रुपये किलो, नींबू 120 रुपये किलो और हरा धनिया 200 रुपये किलो तक बिक रहा है। देसी लहसुन की कीमत 160 रुपये प्रति किलो और पहाड़ी लहसुन तो 200 रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुकी है।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
शिमला सब्जी मंडी के अध्यक्ष विशेषर नाथ के अनुसार, मानसून के मौसम में हर साल सब्जियों की आपूर्ति घट जाती है, जिससे दामों में उछाल आना आम बात हो जाती है। लगातार बारिश के कारण खेतों में पानी भरने से सब्जियां सड़ जाती हैं या समय पर तोड़ी नहीं जा पातीं। वहीं जिन किसानों की फसलें तैयार हैं, वे भी कीचड़ और खराब रास्तों के चलते मंडी तक पहुंचा नहीं पा रहे।

विशेषर नाथ का कहना है कि आने वाले कुछ हफ्तों में अगर मौसम थोड़ा साफ रहा और मौसमी सब्जियां मंडी में आना शुरू हुईं, तो दामों में कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि अभी कुछ समय तक रसोई का बजट बिगड़ा ही रहेगा।

कौन सी सब्जियां अभी भी किफायती हैं?
जहां एक ओर कई सब्जियों की कीमतें बेकाबू हो चुकी हैं, वहीं कुछ सब्जियां अभी भी थोड़ी राहत देती नजर आ रही हैं। मंडी में इस समय बंदगोभी 30 रुपये, खीरा 30 रुपये, गाजर 40 रुपये, तोरी 40 रुपये, घीया 40 रुपये और कद्दू 30 रुपये किलो में बिक रहा है। इनकी कीमतों में ज्यादा उछाल नहीं आया है, इसलिए लोग अब इन्हीं पर ज्यादा निर्भर हो रहे हैं।

फल भी महंगे
सब्जियों के साथ-साथ फलों की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। मंडी में इस समय नाशपाती 70 रुपये किलो, सेब 100 रुपये किलो, आम 70 रुपये किलो, जामुन 200 रुपये किलो और प्लम 100 रुपये किलो तक बिक रहे हैं। वहीं केला 70 से 80 रुपये प्रति दर्जन के हिसाब से मिल रहा है।

ग्राहकों की परेशानी बढ़ी
गृहणियों का कहना है कि पहले 500 रुपये में हफ्ते भर की सब्जी आ जाती थी, लेकिन अब उतने में दो-तीन दिन की भी सब्जी नहीं आती। हर बार बाजार जाना भी मुश्किल हो गया है, ऊपर से लगातार बारिश के कारण बाहर निकलना भी चुनौती बन गया है।

उम्मीद की किरण
हालांकि सब्जी मंडी के जानकारों का कहना है कि सीजनल सब्जियों के आने पर अगले कुछ हफ्तों में स्थिति थोड़ी सामान्य हो सकती है। लेकिन जब तक मानसून पूरी तरह थमता नहीं, तब तक रसोई का बजट संभालना हर परिवार के लिए चुनौती बना रहेगा।